ममता के इस चहेते पुलिस अफसर का है यूपी से गहरा नाता, लटकी गिरफ्तारी की तलवार

संक्षेप:

  • वो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चंदौसी के रहने वाले हैं.
  • उनके पिता आनंद कुमार चंदौसी के एसएम कॉलेज में प्रोफेसर थे.
  • राजीव कुमार ने इसी कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की.

लखनऊ: शारदा चिटफंड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के चहेते अफसर और कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को राहत नहीं दी है. कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वो अपने हिसाब से काम करे, इसका मतलब ये हुआ कि जल्दी ही राजीव कुमार की गिरफ्तारी हो सकती है. सीबीआई उनसे पहले भी इस घोटाले को लेकर पूछताछ कर चुका है.

पहले कोर्ट ने आदेश दिया था कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता लेकिन अब ये प्रोटेक्शन कोर्ट ने हटा लिया है. फरवरी में जब राजीव कुमार की गिरफ्तारी को लेकर बड़ा विवाद हुआ था, उसके बाद उन्हें कोलकाता के पुलिस आय़ुक्त पद से हटाकर सीआईडी में भेज दिया गया था. इसी सप्ताह की शुरुआत में चुनाव आयोग ने उनकी नियुक्ति गृह मंत्रालय दिल्ली में कर दी थी.

कौन हैं राजीव कुमार?

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राजीव कुमार बंगाल के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है. वो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चंदौसी के रहने वाले हैं. उनके पिता आनंद कुमार चंदौसी के एसएम कॉलेज में प्रोफेसर थे. राजीव कुमार ने इसी कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की. वो यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं लेकिन फिलहाल कई सालों से बंगाल में पोस्टेड हैं. उनकी पत्नी आईआरएस अफसर हैं. उन्होंने खुद को पीएचडी में नामांकित कर रखा है. वो कॉलम भी लिखते रहे हैं.

फिटनेस पर खास ध्यान

राजीव कुमार को फिटनेस फ्रीक कहा जाता है. उन्होंने अपने चैंबर में भी फिटनेस के उपकरण लगा रखे हैं. जब समय मिलता है तो उस पर वर्कआउट करते हैं. बीच बीच में ब्रेक मिलने पर पुशअप्स करते हैं.

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