सीएम ने जिस शख्स को दिया बहादुरी का इनाम, पुलिस ने उसे बताया हत्यारोपी

संक्षेप:

यूपी के राजधानी लखनऊ में अजब गजब मामला सामने आया है। दरअसल, अभी पिछले दिनों 1090 चौराहे पर हुए मासूम ऋतिक हत्याकांड में लखनऊ पुलिस के अफसरों ने सीएम योगी से सम्मानित दिव्यांग को हत्यारोपी बता दिया। आपको बता दें कि पिछली 4 जुलाई को लखनऊ के 1090 चौराहे पर हजरतगंज के बालू अड्डा निवासी गुब्बारा बेचने वाले 10 साल के मासूम ऋतिक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी और लाश चौराहे के पास बने पार्क में लावारिस मिली थी। लखनऊ पुलिस इस घटना के बाद से दबाव में आ गई।

मामले की गंभीरता को समझते हुए बुधवार सुबह डीजीपी ओपी सिंह खुद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। वहीं पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए मोहम्मद कलाम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि कलाम ने हत्या से दो दिन पहले मृतक को न सिर्फ धमकाया था बल्कि उसकी बहन से छेड़खानी तक की थी। आपको बता दें कि हत्या के आरोप में गिरफ्तार मोहम्मद कलाम की बहादुरी पर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से नवाजा था। इतना ही नहीं मोहम्मद कलाम के अच्छा इंसान बनने के लिए पढ़ने की ललक देखकर महिला कल्याण विभाग ने पढ़ाने का जिम्मा तक उठा लिया।

पुलिस की मानें तो मोहम्मद कलाम ने दिन में पढ़ाई और रात में गुब्बारे बेचता था। पुलिस ने दावा किया है कि गुब्बारे को लेकर विवाद के मामले में ऋतिक के गला घोंटकर हत्या कर दी थी। वारदात की शुरुआत में लखनऊ पुलिस ने जो सीसीटीवी फुटेज जारी किया उसमें पैंट शर्ट पहने कंधे पर पिट्ठू बैग लटकाए व्यक्ति पर ही हत्या की आशंका जताई गई थी। लेकिन पुलिस ने जब खुलासा किया तो जिस मोहम्मद कलाम को आरोपी बताया वह दिन में पढ़ाई समाज कल्याण विभाग की मदद से करता है, पढ़ाई के बाद लगी भूख को मिटाने के लिए वो रात में 1090 चौराहे पर गुब्बारे बेचता है।

ये भी पढ़े : शख्स ने किया अपनी ही बेटी से रेप, पुलिस ने किया गिरफ्तार


गुरुवार को लखनऊ पुलिस ने जब खुलासा किया तो उस मोहम्मद कलाम को हत्यारोपी बता दिया, जिसके पास पहनने के 2 जोड़ी सही कपड़े नहीं थे। वह बैग लेकर कहां जाएगा और वह बैग कहां से लाएगा। बता दें कि कुर्सी बचाने के लिए लखनऊ पुलिस के अफसरों ने सीएम योगी से सम्मानित दिव्यांग को हत्यारोपी बता दिया।

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Lucknow Hindi News here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles