भारतीय रेलवे: अगले 5 दिनों तक रद्द रहेगी ये 19 ट्रेनें, 5 ट्रेनों के बदले गए रास्‍ते

संक्षेप:

  • भारतीय रेलवे ने उत्‍तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लिए चलने वाली करीब 19 ट्रेनों को अगले पांच दिनों तक रद्द रखने का फैसला किया है
  • भारतीय रेलवे ने यह फैसला लखनऊ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर वाशेबल एप्रेन की मरम्मत और सुधार कार्य को देखते हुए लिया है
  • फैसले के तहत, 17 जुलाई तक इन 19 ट्रेनों का परिचालन नहीं किया जाएगा 

भारतीय रेलवे ने उत्‍तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लिए चलने वाली करीब 19 ट्रेनों को अगले पांच दिनों तक रद्द रखने का फैसला किया है. भारतीय रेलवे ने यह फैसला लखनऊ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर वाशेबल एप्रेन की मरम्मत और सुधार कार्य को देखते हुए लिया है. फैसले के तहत, 17 जुलाई तक इन 19 ट्रेनों का परिचालन नहीं किया जाएगा. उल्‍लेखनीय है कि भारतीय रेलवे में 25 जून को 18 दिनों के लिए लखनऊ रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफार्म नंबर एक से गुजरने वाले ट्रैफिक को ब्लॉक किया था. समय पर कार्य पूरा न होने की वजह से यह ट्रैफिक ब्‍लॉक बढ़ा दिया गया है.

रद्द रहेंगी ये 19 ट्रेन
भारतीय रेलवे के अनुसार, लखनऊ-नई दिल्ली-लखनऊ के बीच चलने वाली गोमती एक्सप्रेस 13 जुलाई से 17 जुलाई तक रद्द रहेगी. वहीं, मालदा टाउन-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस को 16 जुलाई तक रद्द रखने का फैसला किया गया है. आनंद विहार टर्मिनल-मालदा टाउन एक्सप्रेस 14 जुलाई को रद्द रहेगी. बरौनी-अम्बाला हरिहर एक्सप्रेस 15 जुलाई से 18 जुलाई के बीच रद्द रहेगी. इसके अलावा, अम्बाला-बरौनी हरिहर एक्सप्रेस 13 जुलाई और 16 जुलाई को रद्द रहेगी. प्रयाग-बरेली पैसेंजर को 14 जुलाई से 18 जुलाई तक रद्द रखा जाएगा. बरेली-प्रयाग पैसेंजर 13 जुलाई से 17 जुलाई तक रद्द रहेगी.

इसके अलावा, झांसी-लखनऊ-झांसी पैसेंजर, प्रयाग-लखनऊ-प्रयाग पैसेंजर, लखनऊ-सहारनपुर - लखनऊ पैसेंजर और वाराणसी-लखनऊ-वाराणसी पैसेंजर 13 जुलाई से 17जुलाई के बीच रद्द रहेगी. इसके अलावा, सुलतानपुर-लखनऊ-सुलतानपुर, प्रतापगढ-लखनऊ-प्रतापगढ, प्रयाग घाट-बरेली-प्रयाग घाट, कानपुर सेन्ट्रल-लखनऊ-कानपुर सेन्ट्रल एमईएमयू , लखनऊ-शाहजहांपुर-लखनऊ एमईएमयू और बाराबंकी-कानपुर सेन्ट्रल-बाराबंकी एमईएमयू भी 13 जुलाई से 17 जुलाई के बीच रद्द रहेंगी. भारतीय रेलवे के अनुसार, लखनऊ-रहीमाबाद पैसेंजर को 13जुलाई को रद्द रखने का फैसला किया गया है.

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