Kaifi Azmi Jayanti 2021:प्रसिद्ध गीतकार व कवि सैय्यद अतहर हुसैन रिजवी उर्फ कैफी आजमी की शख्सियत से हर कोई वाकिफ है

लखनऊ [दुर्गा शर्मा]।

पर क्या आप ये जानते हैं कि हर हिंदुस्तानी की रगों में अपनी रचनाओं से जोश भरने वाले कैफी साहब को उनके वालिद मौलवी बनाना चाहते थे।

कैफी आजमी जमीदारों और जागीरदारों के दौर में पैदा हुए थे।

वालिद फारसी में अशआर कहते थे।

घर में मीर अनीस के मर्सिये मोहर्रम में पढ़े जाते।

कैफी साहब खुद कहा करते थे, मैं बचपन में जब सोता था, मेरी बड़ी बहन मीर अनीस के मर्सिये के कुछ बंद सुना देती थीं।

मुझे मीर अनीस के मर्सियों की समझ तो नहीं थी, लेकिन शेरोशायरी से दिलचस्पी उसी वक्त से हुई।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।

Read more Lucknow Hindi News here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |