Analysis: मायावती को ब्राह्मणों पर इतना भरोसा क्यों है?

आम चुनाव 2019 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवारों की जो लिस्ट सामने आ रही है उसमें एक बात तो साफ है कि मायावती को सबसे ज्यादा भरोसा ब्राम्हणों पर है. भले ही जातिवार टिकटों का आंकड़ा देखें तो ऐसा लगेगा कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने सबसे ज्यादा टिकट दलितों को दिए हैं. लेकिन बंटवारे का असली गणित समझेंगे तो ये साफ हो जाएगा कि बीएसपी की लिस्ट में ब्राह्मण सबसे ज्यादा फायदे में रहे हैं. रविवार (14 अप्रैल) की लिस्ट में 11 उम्मीदवारों में 4 ब्राह्मण हैं. अब तो बीएसपी का जो पैट्रन रहा है, उसमें एक बात साफ है कि लोकसभा प्रभारी ही प्रत्याशी हो रहा है. इस हिसाब से देखें तो 9 ब्राह्मणों को टिकट मिलने की उम्मीद है, जबकि 10 दलित हाथी पर सवार होकर चुनावी मैदान में जाएंगे.गौर से देखें तो दलितों को मिलने वाली 10 सीटें सुरक्षित हैं यानी यहां तो बीएसपी या कोई भी राजनीतिक दल दलित उम्मीदवार ही उतार सकता है. बीएसपी और पार्टी सुप्रीमो मायावती को सबसे ज्यादा भरोसा ब्राह्मणों पर ही क्यों है, इसके पीछे कई कारण हैं.ब्राह्मणों ने ही दिलाई सीएम की कुर्सीउत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों की जनसंख्या भले ही 9 से 10 फीसदी है, लेकिन इन्हें किसी भी और जाति से ज्यादा प्रभावित करने वाला माना जाता है. मायावती इसका असर 2007 के विधानसभा चुनावों में देख भी चुकी हैं. पार्टी ने पहली बार ब्राह्मण-दलित गठजोड़ का प्रयोग कर 89 सीटें ब्राम्हणों को दीं, जिसका सीधा असर दिखा. उसके 74 उम्मीदवार जीते. बीएसपी पहली बार 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार में आई. पार्टी का वोट प्रतिशत भी 2002 के विधानसभा चुनावों के मुकाबले करीब 23 फीसदी से बढ़कर 30 फीसदी के आंकड़े को पार कर गया.(यह भी पढ़ें- BSP ने जारी की 16 प्रत्याशियों की लिस्ट, पूर्वांचल के 'बाहुबलियों' को दी जगह)ब्राह्मण माया के सबसे पुराने और भरोसेमंद साथीमायावती के राजनीति में प्रवेश करने से अब तक के चेहरों पर नजर डालें तो दो ही चेहरे हैं जो पार्टी में बचे हैं. पहले सुखदेव राजभर और दूसरे रामवीर उपाध्याय. मायावती की पहली कैबिनेट के बाकी चेहरे उनका साथ छोड़ चुके हैं. मायावती का करीब जो दूसरा ब्राह्मण चेहरा है, वो हैं सतीश चंद्र मिश्र. जिन पर मायावती इस समय सबसे ज्यादा भरोसा करती हैं. सतीश चंद्र मिश्र को मायावती का संकट मोचक माना जाता है. मिश्र मायावती के साथ तब आए जब वो तमाम कानूनी मुश्किलों में फंसी हुई थीं. मिश्रा ने बीएसपी सुप्रीमो को हर कानूनी मुश्किल से तो बचाया ही, ब्राह्मण-दलित गठजोड़ बनवाकर पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार भी बनवाई. साफ है, मायावती का यही भरोसा इस लोकसभा चुनाव में ब्राह्मणों को ज्यादा से ज्यादा टिकट दिलाने में कामयाब रहा है.Loading... (function(){var D=new Date(),d=document,b='body',ce='createElement',ac='appendChild',st='style',ds='display',n='none',gi='getElementById',lp=d.location.protocol,wp=lp.indexOf('http')==0?lp:'https:';var i=d[ce]('iframe');i[st][ds]=n;d[gi]('M370080ScriptRootC285148')[ac](i);try{var iw=i.contentWindow.document;iw.open();iw.writeln(''+'dy>'+'ml>');iw.close();var c=iw[b];}catch(e){var iw=d;var c=d[gi]('M370080ScriptRootC285148');}var dv=iw[ce]('div');dv.id='MG_ID';dv[st][ds]=n;dv.innerHTML=285148;c[ac](dv);var s=iw[ce]('script');s.async='async';s.defer='defer';s.charset='utf-8';s.src=wp+'//jsc.mgid.com/h/i/hindi.news18.com.285148.js?t='+D.getYear()+D.getMonth()+D.getUTCDate()+D.getUTCHours();c[ac](s);})();(यह भी पढ़ें- Analysis: गोरखपुर सीट पर कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं योगी, इस मास्टर प्लान के सहारे देंगे गठबंधन को पटखनी)एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स।

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