लखनऊः ऑनलाइन के बाद भी RTO ऑफिस में लंबी कतारे

संक्षेप:

  • कैश ट्रांजेक्शन है बड़ी समस्या
  • कोडिंग में है कंफ्यूजन
  • फॉर्मों में नहीं है पूरा विवरण

लखनऊः रेल रिजर्वेशन की तरह वाहन लाइसेंस बनाना भी सरकार ने सरल कर दिया है क्योंकि अब आप घर बैठे ही अपने कंप्यूटर से बहुत ही आसानी से वाहन लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। लेकिन इन सबके बाद भी आरटीओ ऑफिस में लोगों को लाइसेंस के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, इस पर NYOOOZ ने आरटीओ ऑफिस में मौजूद आवेदकों से बातचीत की और ऑनलाइन लाइसेंस प्रक्रिया में हो रही समस्याओं को जाना।

राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर में रहने वाले आशीष ने बताया कि जब मैंने अपना लर्निंग लाइसेंस बनवाया था उस समय ऑनलाइन प्रक्रिया सही तरह से काम कर रही थी, लेकिन इस बार जब परमानेंट बनवा रहा हूं तो अकाउंट से लेकर फोटो तक काफी समस्याएं आ रही है। इसी कारण से आरटीओ ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आशीष का कहना है कि आरटीओ ऑफिस में भी लाइसेंस का काम एक बार में नहीं होता कर्मचारी बार बार अलग-अलग प्रक्रिया से गुजरने के लिए कहते हैं।

वही आरटीओ ऑफिस में अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए लखनऊ चिनहट क्षेत्र के निवासी ऋतिक ने बातचीत में NYOOOZ को बताया कि ऑनलाइन लाइसेंस बनवाने के लिए जो फीस कार्ड के जरिए दी जाती है उसमें समस्या आ रही है। ऋतिक का कहना है कि मेरे पास State Bank of India का कार्ड नहीं है। इसके कारण से मेरा मनी ट्रांजेक्शन नहीं हो पा रहा है, क्योंकि ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस में जो फीस जमा होती है उसमें केवल SBI बैंक के खाते से ही ट्रांजैक्शन हो सकता है अन्य किसी भी बैंक का कोई ऑप्शन नहीं है। उन्होंने बताया कि आरटीओ ऑफिस में भी काफी समय लग रहा है।

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वहीं राजधानी के देवांशु वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन में काफी कंफ्यूजन है। बताते हैं कि जब आप ऑनलाइन लाइसेंस बनवाने जाएंगे उस वक्त आपको लखनऊ के लिए दो कोड दिखेंगे एक यूपी 32 और दूसरा यूपी 32 `ए` जो काफी कंफ्यूजन पैदा कर रहे हैं। देवांशु ने बताया कि कोडिंग सही तरीके से न होने के कारण कंफ्यूजन की स्थिति हमेशा बनी रहती है। वही कुछ ऐसे फॉर्म भी हैं जो केवल 50 वर्ष की आयु से ऊपर वालों के लिए हैं उसमें भी कंफ्यूजन हो जाता है। इस फॉर्म को भ्रम के चलते 50 से कम वाले भी भर देते हैं और जब आरटीओ ऑफिस पहुंचते हैं तो बताया जाता है कि यह फॉर्म आपके लिए नहीं था देवांशु ने कहा की हमको इस प्रक्रिया में काफी परेशानी होती है।

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