मोदी सरकार का तोहफा, किसानों के लिए बजट में आ रही कैशबैक स्कीम

संक्षेप:

  • छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार बजट में कैशबैक जैसी स्कीम ला सकती है.
  • 50 हजार लोकल हाटों को ई-मंडी से जोड़ा जाएगा.
  • इसके लिए एक मोबाइल ऐप बनाने पर काम चल रहा है.

नई दिल्ली: छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार बजट में कैशबैक जैसी स्कीम ला सकती है. इसके लिए एक मोबाइल ऐप बनाने पर काम चल रहा है ताकि स्थानीय मंडियों मे चुकाई जाने वाली फीस या टैक्स के एवज में किसानों को सीधे मदद की जा सके. साथ ही टेक्नोलॉजी से जुड़ने की वजह से उनके उत्पादों की सही कीमत भी मिल सके. मोदी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बजट में करीब 200 करोड़ रुपये का आवंटन कर सकती है. इससे बिचौलियों के शोषण से भी राहत मिलने की संभावना है.

50 हजार लोकल हाटों को ई-मंडी से जोड़ा जाएगा

बिचौलियों से बचाने के लिए सरकार की आधार से जुड़े मोबाइल ऐप के जरिये सीधे किसानों के खाते में रकम पहुचाने की योजना है. स्थानीय मंडियों में चुकाई जाने वाली फीस या टैक्स की कैशबैक के जरिये भरपाई की जाएगी. ऐप के जरिये देश की करीब 50 हज़ार लोकल हाट और मंडियों को जोड़ा जाएगा. एक क्लिक के जरिये आसपास के मंडियों के ताजा भाव की जानकारी किसानों को मिलेगी. इस ऐप से किसानों को बिचौलियों के शोषण से भी राहत मिलने की उम्मीद है.

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सरकार ने ई-मंडी को लेकर उठाया ये बड़ा कदम

किसानों की आमदनी डबल करने को लेकर सरकार तेजी कदम उठा रही है. इस कड़ी में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार किसानों को फसल का सही दाम दिलाने के लिए ई-मंडी का दायरा बढ़ाने पर काम कर रही है. ई- मंडियों से राज्यों के बीच आसानी से कारोबार हो सके इसके लिए सभी मंडियों को तेजी से आपस में जोड़ने का काम चल रहा है . ट्रेडर्स अब खरीदारी से पहले कमोडिटीज़ की क्वालिटी चेक कर सके इसके लिए सरकार ने देश की सभी मंडियों में क्वालिटी चेक लैब बनाने का भी फैसला किया है.

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