बीजेपी के ये दिग्गज नेता बन सकतें हैं नए राज्यपाल

संक्षेप:

  • इन राज्यों में दिख सकते हैं नए राज्यपाल
  • बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल
  • इन राज्यों में खत्म हो रहा कार्यकाल

2019 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद लगातार नए नियम और बदलाव जारी है. ऐसे में कई राज्यों में नए राज्यपाल चुने जा रहे हैं जिसमें भाजपा के कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं.

कई राज्यों के राज्यपाल का कार्यकाल अगले कुछ महीनों में खत्म होने जा रहा है और ऐसे में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाए जाने की खबर सोमवार को सोशल मीडिया पर उड़ी. मगर, बाद में खुद सुषमा ने साफ किया कि ऐसी कोई बात नहीं है. दरअसल चर्चा तब शुरू हुई, जब केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट कर सुषमा स्वराज को राज्यपाल बनने की बधाई दे दी. जिसके बाद सुषमा स्वराज को ट्वीट कर सफाई देनी पड़ी. इस घटनाक्रम के बाद अब उन राज्यों को लेकर अटकलें लगने लगीं हैं, जहां के राज्यपालों का कार्यकाल अगले दो से तीन महीनों में खत्म हो रहा है. अगर सेवा विस्तार नहीं हुआ तो देश के 11 राज्यों में नए राज्यपाल दिखेंगे.

 माना जा रहा था कि आने वाले समय में बीजेपी उन्हें संगठन या किसी अन्य भूमिका में ला सकती है. ऐसे में चुनाव से दूर रहे बीजेपी नेताओं का नाम राज्यपाल की रेस में बताया जा रहा है. सुषमा स्वराज ने भले ही राज्यपाल बनने के मुद्दे पर सफाई दी है, मगर सूत्र बता रहे हैं कि उनके नाम पर विचार चल रहा है.

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हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि सुषमा स्वराज इस पेशकश को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं. सक्रिय राजनीति से खुद को दूर रखने की वजह से ही उन्होंने इस बार चुनाव न लड़ने का फैसला किया था.

गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा का 30 अगस्त 2019 को कार्यकाल खत्म हो रहा है. इसी तरह गुजरात के ओम प्रकाश कोहली 15 जुलाई, कर्नाटक के वजुभाई रुडा भाई वाला 31 अगस्त, केरला के राज्यपाल जस्टिस पी सदाशिवम चार सितंबर, महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर राव का कार्यकाल 29 अगस्त को खत्म हो रहा है. नागालैंड के राज्यपाल पद्मनाथ बालकृष्ण आचार्य 18 जुलाई, राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह तीन सितंबर को, वहीं त्रिपुरा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी का कार्यकाल 26 जुलाई को समाप्त होगा. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक 21 जुलाई 2019, पश्चिम बंगाल के केशरीनाथ त्रिपाठी 23 जुलाई 2019 को रिटायर हो रहे हैं.

आंध्रप्रदेश में ई. एस. एल. नरसिम्हन ऐसे इकलौते राज्यपाल हैं, जो यूपीए सरकार के जमाने से हैं. इन्हें भी इस साल के आखिर तक पद पर बने हुए दस साल हो जाएंगे. इस प्रकार देखें तो कुल 11 राज्यों में राज्यपालों की कुर्सियां खाली हो रहीं हैं. सूत्र बता रहे हैं कि ज्यादातर राज्यों में राज्यपालों की उम्र 70 से  80 वर्ष पार हो गई है. ऐसे में दोबारा मौका मिलने की संभावना नहीं है. जिससे बीजेपी अपने वरिष्ठ नेताओं को राज्यपाल बना सकती है.

दिग्गजों में कौन शामिल है कौन नहीं, किसे राज्यपाल का पद मिलेगा किसे नहीं ये मोदी टीम सोच समझ कर फैसला करेगी. 

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