जानिए क्यों इस लड़की ने कहा- चोट भी अच्छी हो सकती है! 

संक्षेप:

  • घरेलू हिंसा पर रिबॉक का एक ये ऐड
  • जिसे देख महसूस होगा घरेलू हिंसा का दर्द
  • जागरुकता फैलाने के लिए बनाया गया

इन दिनों घरेलू हिंसा के दर्द को बयां करते फिटनेस ब्रांड रिबॉक का एक ऐड की काफी चर्चा हो रही है। जिसे घरेलू हिंसा के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए बनाया गया है। इस ऐड के द्वारा औरत की ज़िंदगी के उस कड़वे सच को बयां किया जा रहा है, जिसे वो चुपचाप घुटन भरे बंद कमरे में अकेले जीती है। लेकिन इस ऐड में ऐसा नहीं दिखाया गया है इस ऐड में दिखाया गया है कि कैसे चोट लगने के बावजूद एक लड़की कह रही है `चोट अच्छी हो सकती है`। आगे कहती है ये मेरी ताकत को दिखाती है न कि कमजोरी को, ये एक उदाहरण है कि मैं किसी भी विपक्षी को हरा सकती हूं, मैं लड़ने के लिए फिट हूं। रिबॉक ने जितने भी लोगों से इंटरव्यू किया उस में से 85 फीसदी लोगों ने कहा कि इस लड़की के साथ शारीरिक शोषण हुआ है। कई लड़कियों ने कहा ये हमारे लिए प्रेरणा है। घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता फैलाने और इसकी शिकार महिलाओं को सपोर्ट देने के उद्देश्य से इस ऐड को बनाया गया है।

क्या है घरेलू हिंसा?

लड़कियों या महिलाओं को कमजोर मानकर किसी भी प्रकार का कष्ट देना, उनका अपमान करना, दहेज के लिए प्रताड़ित करना या बेवजह ताने देते रहना, गाली देना, जबरन शारीरिक संबंध बनाना या उसपर जबरन अपनी मर्जी थोपना घरेलू हिंसा की श्रेणी में आता है। इसके अलावा घर में लड़कियों के साथ भेदभाव करना उन्हें लड़की होने की वजह से कैद करना और मानसिक प्रताड़ना देना भी घरेलू हिंसा के दायरे में आता है।

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घरेलू हिंसा सिर्फ ससुराल में या शादी के बाद ही नहीं होती, बल्कि लड़कियों को संस्कार के नाम पर घर की चाहारदीवारी में कैद करके रख देना भी घरेलू हिंसा है। लड़कियों की पढ़ाई रोक दी जाती है या फिर उन्हें पड़ने के लिए बाहर नहीं भेजा जाता। ऐसा सिर्फ इसलिए होता है क्योंकि हमारे समाज में लड़की और लड़के में फर्क किया जाता है। उन्हें लड़कों से कमतर समझा जाता है। इसके साथ ही लड़कों की परवरिश ऐसे की जाती है, कि वे हमेशा अपनी बहनों को दबाकर रखते हैं। अगर लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाया जाए और साथ ही स्कूल कॉलेजों में लड़कियों को सेल्फ डिफेंस सिखाया जाए तो इसी के तरह सारी लड़कियां कहेंगी चोट अच्छी हो सकती है।

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