शिक्षामित्रों को मिल सकती है स्थायी सरकारी नौकरी, इस तरह दिया जाएगा मौका

संक्षेप:

लखनऊ: बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने विधान परिषद में कहा कि शिक्षामित्रों को स्थायी शिक्षक की नौकरी देने के लिए एक और भर्ती में भारांक दिया गया जाएगा। वहीं, यह भी स्पष्ट कर दिया कि शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास फिलहाल नहीं है। बेसिक शिक्षा मंत्री विधान परिषद में सपा सदस्य डॉ. मान सिंह के सवाल पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि समायोजित शिक्षामित्रों के मुद्दे सरकार कभी पहले न्यायालय नहीं गई। इस बारे में विपक्ष गलत तथ्य रख रहा है।

लखनऊ: बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने विधान परिषद में कहा कि शिक्षामित्रों को स्थायी शिक्षक की नौकरी देने के लिए एक और भर्ती में भारांक दिया गया जाएगा। वहीं, यह भी स्पष्ट कर दिया कि शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास फिलहाल नहीं है। बेसिक शिक्षा मंत्री विधान परिषद में सपा सदस्य डॉ. मान सिंह के सवाल पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि समायोजित शिक्षामित्रों के मुद्दे सरकार कभी पहले न्यायालय नहीं गई। इस बारे में विपक्ष गलत तथ्य रख रहा है।

परिषदीय शिक्षकों का समायोजन ग्रीष्मावकाश में

उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का जिले के अंदर समायोजन ग्रीष्मावकाश के दौरान किया जाएगा। जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या अनुपात से अधिक है वहां के अतिरिक्त शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में तैनात किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में एक भी परिषदीय विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। द्विवेदी बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को लेकर उठाए गए सवाल का जवाब दे रहे थे। तिवारी ने कहा कि कई विद्यालयों में एक शिक्षक तो कहीं शिक्षामित्र या अनुदेशक से संचालन कराया जा रहा है।

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इस पर मंत्री ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत प्राथमिक स्कूलों के लिए 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक (1:30) की तैनाती का प्रावधान है। लेकिन प्रदेश में यह औसत 1:36 का है। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 1:35 के अनुपात का प्रावधान है, लेकिन प्रदेश में यह 1: 53 है। उन्होंने कहा कि सहायक अध्यापकों की पदोन्नति पर उच्च न्यायालय की रोक होने के कारण उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पद अधिक हैं। सरकार कोर्ट से मामले का निस्तारण कराने के लिए प्रयासरत है। योगी सरकार ने करीब चार साल में 1,19,287 सहायक अध्यापकों की भर्ती की है। जबकि एडेड जूनियर हाई स्कूलों में 1894 सहायक अध्यापकों की भर्ती की कार्यवाही शुरू की गई है।

सहायक अध्यापकों की नई तबादला नियमावली जल्द जारी होगी

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही सहायक अध्यापकों के तबादलों की नियमावली में संशोधन कर नई नियमावली लाने जा रही है। इसके बाद शिक्षकों के ग्रामीण से शहरी और शहरी से ग्रामीण क्षेत्रों में तबादले का रास्ता साफ हो जाएगा। वे विधानसभा में बसपा दल के नेता लालजी वर्मा के इस संबंध में पूछे सवाल का जवाब दे रहे थे।

वर्मा ने कहा कि स्कूलों में शिक्षक नहीं होने से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मजबूरन निजी स्कूल में प्रवेश लेना पड़ रहा है। इसके जवाब में द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश में बीते चार वर्षों में ऑपरेशन कायाकल्प के बाद स्कूलों में बड़ा परिवर्तन आया है।

इससे परिषदीय स्कूलों के आसपास के निजी स्कूल बंद होने लगे हैं। निजी स्कूलों के बच्चे भी परिषदीय स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जल्द ही बच्चों के लिए डेस्क बैंच भी उपलब्ध कराई जाएगी।

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