गुजरात और झारखंड के बाद अब यूपी में भी मिला सवर्णों को अधिकार, 10% आरक्षण को मिली मंजूरी

संक्षेप:

  • गुजरात और झारखंड के बाद अब यूपी में खिला सवर्णों का चेहरा
  • योगी सरकार ने 10% आरक्षण को दी मंजूरी
  • सबसे पहले गुजरात ने अपने राज्य में किया था लागू

गुजरात और झारखंड के बाद अब यूपी में भी 10 फीसदी गरीब सवर्ण आरक्षण को मंजूरी दे दी गई हैं। आपको बता दें कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद गुजरात ने सबसे पहले अपने राज्य में इसे लागू किया, इसके बाद झारखंड ने भी इसे लागू किया गया और अब इस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में भी सवर्ण आरक्षण लागू कर दिया गया हैं।

अध्यादेश के मसौदे को मंजूरी के बाद इसे राज्यपाल राम नाईक के पास उनकी स्वीकृति की मुहर लगाने के लिए भेजा जाएगा जिससे यह कानून बन सके। आरक्षण को मंजूरी से पहले सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार इसे जल्दी तो लागू करना चाहती है, पर इस जल्दी में वह कोई कमी नहीं छोडऩा चाहती। जानकारी के लिए आपको बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने आर्थिक आधार पर सवर्णों को 10 फीसद आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन किया।

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इस पर राष्ट्रपति भी मंजूरी दे चुके हैं। गौतरलब हैं कि सवर्ण वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 जनवरी को मुहर लगाई। इसके बाद आरक्षण व्यवस्था को लागू करने के लिए 8 जनवरी को लोकसभा में संविधान का 124वां संशोधन विधेयक 2019 पेश किया गया था।

लंबी बहस के बाद यह विधेयक लोकसभा में पास हो गया। इसके अगले दिन राज्यसभा में इस संशोधन विधेयक को पेश किया गया और लंबी बहस के बाद यहां भी पास कर दिया गया। दोनों सदनों से बिल पास होने के बाद मंजूरी के लिए राष्ट्रपति कोविंद के पास भेजा गया, जहां राष्ट्रपति कोविंद ने भी बिल पर हस्ताक्षर कर अपनी मंजूरी दे दी। यह आरक्षण अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों को मिलने वाले 49.5 फीसदी आरक्षण से अलग होगा।

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