Father's Day 2019: जानिए क्यों जून के तीसरे रविवार को ही मनाया जाता है फादर्स डे

संक्षेप:

  • एक तरफ जहां मां हमें प्यार और ममता देती हैं वहीं पिता आपके जीवन की मजबूत नींव रखते हैं
  • इस दुनिया में कैसे लड़कर अपना मुकाम हासिल करना है यह सिखाते हैं आपके पिता
  • हर साल जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है 

एक तरफ जहां मां हमें प्यार और ममता देती हैं वहीं पिता आपके जीवन की मजबूत नींव रखते हैं। इस दुनिया में कैसे लड़कर अपना मुकाम हासिल करना है यह सिखाते हैं आपके पिता। हर साल जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस बार फादर्स डे 16 जून को मनाया जा रहा है। फादर्स डे का इतिहास तो सैकड़ों साल पुराना है। आज हम आपको बताते हैं कि इसकी शुरुआत कैसे और कहां से हुई।

बता दें कि सबसे पहले फादर्स डे पश्चिम वर्जीनिया के फेयरमोंट शहर में 5 जुलाई 1908 में मनाया गया था। इसके पीछे की कहानी ये है कि 6 दिसंबर 1907 में मोनोगाह में कोयले की खान में एक भयंकर दुर्घटना हुई थी, जिसमें कुल 362 लोगों की जान चली गई थी। मृतक पिताओं के सम्मान में श्रृद्धांजली देने के रुप में गोल्डन क्लेटन ने विशेष दिवस का आयोजन किया। इसके बाद से ही इस दिन को मनाने की शुरूआत हो गई।

पिछले 10 सालों में बढ़ा है ट्रेंड
पिछले दस सालों में फादर्स डे को मनाने का ट्रेंड कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। वैसे तो भारत में आज भी शायद ही ऐसे परिवार हैं जो इसे सेलिब्रेट नहीं करते होंगे। फादर्स डे और मदर्स डे जैसे मौकों पर बाजार भी पहले से तैयार हो चुका होता है। मार्केट में गिफ्ट्स, ग्रीटिंग कार्ड्स और अन्य सामानों की दुकानों में स्टॉक पहले से ही रख लिया जाता है। साथ ही साथ रेस्टोरेंट वगैरह भी इस दिन कुछ खास करने की कोशिश करते हैं ताकि वो अपने कस्टमर्स को कुछ नया परोस कर उनके दिन को खास बना सकें।

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