मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जागी सरकार, यूपी की जेलों की व्यवस्था सुधारने को गठित की कमेटी

माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का ध्यान जेल व्यवस्था में सुधार की तरफ गया है. सरकार ने जेलो की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह इस कमेटी की अध्यक्षता करेंगे. वहीं पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक, कारागार हरि शंकर और आईजी कारागार डॉ शरद इस कमेटी के सदस्य होंगे. ये कमेटी दो महीने के अंदर प्रदेश की जेलों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ही उसमें जरूरी सुधार के लिए अपनी रिपोर्ट तैयार करके शासन को देगी. बता दें मुन्ना बजरंगी की हत्या ने यूपी की जेलों में व्याप्त अराजकता और भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है. हत्या में प्रयुक्त पिस्टल से लेकर दर्जनों गोलियों के जेल के अंदर पहुंचने पर पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. यही नहीं प्रदेश में पिछले दिनों कई जगह जेलों में अव्यवस्था उजागर हुई. घटना के बाद खुद यूपी सरकार ने जेल में हत्या को गंभीर माना था. उधर मामले में मंगलवार को यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि मुन्ना बजरंगी को झांसी जेल से बागपत जेल भेजने के दौरान पुलिस की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती गई. ओपी सिंह ने कहा, बजंरगी को सुरक्षा मुहैया कराए जाने में यूपी पुलिस की तरफ से कोई चूक नहीं हुई है. डीजीपी ने कहा कि झांसी से बागपत तक बजरंगी को ले जाने के दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का घेरा उसके इर्दगिर्द था. उसे सुरक्षित बागपत जेल पहुंचा दिया गया था. उन्होंने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं और कोई भी दोषी बच नहीं पायेगा. वहीं सीएम के निर्देश पर यूपी के जेलों की सुरक्षा को लेकर डीएम और एसपी रेड कर रहे है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. योगी ने कहा, 'जेल में हुई हत्या बहुत गंभीर मामला है. मामले की गहराई से जांच होगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.ये भी पढ़ें:  जानिए यूपी के सबसे बड़े गैंगवार की कहानी, मुन्ना बजरंगी तो महज एक शूटर के किरदार में था मुन्ना बजरंगी ने कभी BJP विधायक कृष्णानंद राय को किया था AK-47 से छलनी।

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