मथुरा में बीते दो दिनों में डेंगू और बुखार से तीन मरीजों की हुई मौत, कई बीमार

संक्षेप:

  • डेंगू और बुखार से तीन मरीजों की हुई मौत
  • इनमें छह माह का बच्चा भी है शामिल 
  • आशा बहुएं फैला रहीं जागरुकता

मथुरा। मथुरा जिले में डेंगू और वायरल फीवर का प्रकोप ग्रामीण इलाकों में पैर पसार रहा है। बीते दो दिन में डेंगू और बुखार से एक किशोर और दो बच्चों की मौत हो गई। इनमें छह माह का बच्चा भी शामिल है। इससे पूर्व फरह क्षेत्र के कोह गांव में कई बच्चों की मौत हो चुकी है। 

मथुरा के टैंटीगांव निवासी मुकेश के छह माह के बेटे लव को बीते तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को बच्चे ने दम तोड़ दिया। सुरीर के गांव लोहई में राजन के आठ वर्षीय पुत्र रोहित को मंगलवार की रात अचानक बुखार और पेट में दर्द हुआ। परिजन कस्बा के चिकित्सक के यहां उसे ले गए। उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ तो अस्पताल ले जाते समय गुरुवार को बच्चे की मौत हो गई। 

गांव लोहई निवासी पिंकी के 15 वर्षीय पुत्र राजकुमार ने बुधवार को डेंगू से दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवों में सर्वे शुरू कराकर बुखार पीड़ितों के सैंपल लिए। उधर, नौहझील क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में लोग बुखार से पीड़ित हैं। गांव सामौली में बुखार से पीड़ित युवक की डेंगू होने की खबर है। इसके अलावा दर्जनों भर लोग बुखार से पीड़ित हैं। गांव सामौली में आकाश पुत्र बैनीराम वाल्मीकि निवासी सामौली की डेंगू की पुष्टि हुई है। नौहझील सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. शशीरंजन का कहना है कि सुरीर व लोहई में टीमें भेजी गई हैं। जांच की गई है।

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आशा बहुएं फैला रहीं जागरुकता

जिले में फैले डेंगू व मलेरिया के प्रकोप से ग्रामीणों को बचाने के लिए ग्राम स्तर पर आशा बहुओं को जागरूकता फैलाने का जिम्मा सौंपा गया है। सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता ने बताया कि मलेरिया व डेंगू की बीमारी न फैलने देने के लिए पंचायत विभाग के कर्मचारी गांवों में एंटी लार्वा छिड़काव, सैनिटाइजेशन व फॉगिंग कर रहे हैं। 

संचारी रोग नियंत्रण के प्रभारी डॉ. भूदेव ने बताया कि स्वर्ण जयंती अस्पताल, जिला अस्पताल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरह में मलेरिया व डेंगू के जो मरीज भर्ती हैं उनमें से ज्यादातर ठीक हो रहे हैं।

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