मथुरा: राधाष्टमी मेला पर बरसाना के लिए रोडवेज की चलेगी सौ बसें, ये रहा बस रूट

संक्षेप:

  • राधाष्टमी मेला पर बरसाना के लिए रोडवेज की चलेगी सौ बसें
  • सभी को 11 सितंबर तक कार्य पूर्ण करने के मिले है निर्देश 
  • डीएम ने लाइव दर्शन कराने के लिए सेवायतों से मांगी अनुमति 

मथुरा। बरसाना में 13-14 सितंबर को होने वाले राधाष्टमी महोत्सव की तैयारियों को पूर्ण कराने के लिए डीएम नवनीत चहल व एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बरसाना स्थित होटल विंगिस्टन में बैठक ली। इसमें सभी को 11 सितंबर तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में पार्किंग में लाइटिंग, बारिश के समय श्रद्धालुओं के वाहन कीचड़ में न फंसे, साफ सफाई, पेयजल व शौचालय की व्यवस्था नगर पंचायत को सौंपी। किसी विभाग या ठेकेदार की लापरवाही से कोई घटना हुई तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। साथ ही लाइव दर्शन कराए जाने को सेवायतों से सहमति मांगी गई।

डीएम ने दिए ये निर्देश

पीडब्ल्यूडी विभाग को बरसाना आने वाले सभी मार्गों को गड्डा मुक्त करने, रोड किनारे खड़ी झाड़ियां हटाने के निर्देश दिए। नगर में विभन्न जगहों पर 49 बैरियर लगाए जाएंगे। बीडीओ को परिक्रमा मार्ग में साफ-सफाई व लाइटिंग की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। बिजली विभाग ने जर्जर तारों को बदलने व 219 खंभों पर पॉलीथिन लगाने का कार्य शुरू कर दिया है।

ये भी पढ़े : खाद न मिलने से परेशान किसान ने लगाई फांसी, प्रशासन और परिजन आमने-सामने


मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध खानपान दिलाने के उद्देश्य से फूड विभाग खाद्य सामग्री की सैंपलिंग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग 8 शिविर लगाएगा। रोडवेज 100 बसें चलाएगा। जिसमें 30 बसें कोसी से बरसाना व 70 मथुरा से गोवर्धन होते हुए बरसाना जाएंगी। मेले के दौरान लगने वाले भंडारों से एनओसी मिलने के बाद मेला क्षेत्र के बाहर 5000 रुपये की राशि जमा कराने के बाद भंडारे लगाने की अनुमति दी जाएगी।

डीएम ने लाइव दर्शन की मांगी अनुमति

डीएम ने लाइव दर्शन कराने के लिए सेवायतों से अनुमति मांगी। डीएम नवनीत चहल व एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऐसी व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए, जिससे यहां आने वाले सभी श्रद्धालु अच्छी स्मृति लेकर जाएं।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles