मथुरा में युवक के हत्‍यारोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, अपहरण कर मांगी थी फिरौती

संक्षेप:

  • उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पुलिस ने दो दिन पूर्व टैक्सी चालक को अगवाकर फिरौती न मिलने पर उसकी हत्या कर देने के आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने यह जानकारी दी.

  • एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस से बुधवार की रात हुई मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है

  • घायल होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पुलिस ने दो दिन पूर्व टैक्सी चालक को अगवाकर फिरौती न मिलने पर उसकी हत्या कर देने के आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने यह जानकारी दी.

एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस से बुधवार की रात हुई मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है. घायल होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जबकि उसके साथी को कानूनी कार्यवाही के बाद जेल भेज दिया है. इनकी निशानदेही पर पुलिस ने अपहृत टैक्सी चालक का शव गरुड़ गोविंद मंदिर क्षेत्र से बरामद कर लिया है.

पुलिस अधीक्षक (नगर) राजेश कुमार सिंह ने बताया, ‘‘इस मामले में मुठभेड़ के बाद संजय उर्फ बाली उर्फ विजय सिंह व जितेश को गिरफ्तार किया गया है. इन दोनों ने 25 जून को अपने दोस्त टैक्सी चालक बबलू को अगवा करके 20 लाख की फिरौती मांगी थी.’’उन्होंने बताया, ‘‘मुठभेड़ में संजय की टांग में गोली लगी है. इन लोगों से जो स्कार्पियो बरामद हुई है उस पर अटल सेना जिलाध्यक्ष लिखा है. इन्होंने फिरौती न मिलने पर अपने ही दोस्त बबलू की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को गरुड़ गोविंद मार्ग पर एक बाउंड्रीवाल में फेंक गए थे. पुलिस ने उनकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है.’’

ये भी पढ़े : कमलेश तिवारी मर्डर केस : हत्यारों ने 15 बार चाकू से किया वार, चेहरे पर मारी थी गोली


पुलिस उपाधीक्षक (रिफाइनरी) जितेंद्र कुमार ने बताया, ‘जितेश पर सात लाख रुपये का कर्ज था. कर्ज उतारने के लिए देवीपुरा निवासी टैक्सी संचालक बबलू (23) को अगवा करने की योजना बना 25 जून को अगवा कर लिया. उसी के मोबाइल से बबलू के पिता से 20 लाख की फिरौती मांगी, न मिलने पर बबलू को मार डाला.’

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles