मथुरा के लड्डू मार होली में उड़ी कोरोना नियमों की धज्जियां, नहीं दिखे किसी के चेहरे पर मास्क

संक्षेप:

  • कोरोना के दूसरे लहर से लोग बेखौफ
  • लड्डू मार होली में नही पहना किसी ने मास्क
  • सोशल डिस्टेंसिंग भी नही अपनाई

मथुरा- देश में एक तरफ कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। तो दूसरी तरफ लोगों का अनदेखा रवैया कोरोना के बढ़ते मामलों के प्रति चिंताएं बढ़ा रही है।

यूपी के मथुरा जिले के बरसाने में लड्डू मार होली कार्यक्रम के आयोजन के दौरान कोरोना नियमों की पूरी तरह धज्जियां उठती दिखाई दी है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने बरसाने में आयोजित लड्डू मार होली कार्यक्रम का एक वीडियो जारी किया। जिसमें मंदिर प्रागंण के अंदर श्रद्धालुओं का हुजुम दिखाई दे रहा है। वीडियो में श्रद्धालुओं का हुजुम मंदिर के पुजारी द्वारा फेंके जा रहे लड्डुओं को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे।

श्रद्धालुओं के इस हुजुम में पुरुष और महिलाओं के साथ बच्चे भी दिखाई दे रहे थे। जो कि लड्डू को पकड़ने के लिए छलांगे लगा रहे थे। लेकिन चिंता की बात ये है कि इस आयोजन में गिने-चुने लोगों ने हीं मास्क पहने हुए थे और सोशल डिस्टेंसिंग के लिए तो जैसे कोई जगह ही नहीं थी।

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एक तरफ जहां पूरा भारत कोरोना की दूसरी लहर से मुकाबले के लिए तैयारी कर रहा है, सभी राज्यों के लिए गाइडलाइन्स व प्रोटोकॉल तैयार किए जा रहे हैं। तो दूसरी ओर लोगों की लापरवाही और प्रशासन के अनदेखा रवैये पर कई सवाल खड़े होते हैं।

गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन की होली पूरे विश्व में विख्यात है। वसंत पंचमी से ही यहां लोग होली का पर्व मनाने लगते हैं। मथुरा-वृंदावन में अलग-अलग तरीकों से होली का पर्व मनाया जाता है। यहां रंग वाली होली से पहले लड्डू, फूल और लठ्ठमार होली भी मनाई जाती है। यहां के हर मंदिर और गांव में कुल 40 दिनों तक होली का उत्सव चलता है। होली के त्योहार को गोकुल, वृंदावन और मथुरा में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। वहीं, ब्रज की होली में दुनिया के अलग-अलग देशों से लोग शामिल होते हैं।

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