मेरठ में 50 साल एमएलसी रहने वाले ओम प्रकाश शर्मा का निधन, सीएम योगी ने जताया दुख

संक्षेप:

मेरठ में शनिवार देर पूर्व शिक्षक नेता और पूर्व एमएलसी ओम प्रकाश शर्मा का 88 साल की उम्र में निधन हो गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक नेता व पूर्व विधान परिषद सदस्य ओम प्रकाश शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया है.

मेरठ: मेरठ में शनिवार देर पूर्व शिक्षक नेता और पूर्व एमएलसी ओम प्रकाश शर्मा का 88 साल की उम्र में निधन हो गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक नेता व पूर्व विधान परिषद सदस्य ओम प्रकाश शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया है.

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि ओम प्रकाश शर्मा वरिष्ठ एवं अनुभवी शिक्षक नेता थे. वह शिक्षक कल्याण व शिक्षा जगत के लिए सदैव तत्पर रहे. उनके निधन से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है.

उनका अंतिम संस्कार रविवार को सूरजकुंड श्मशान घाट पर किया जाएगा. वे मूल रूप से बागपत जिले के सूजती गांव के रहने वाले थे. काफी अरसे से मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित बी ब्लाक में रह रहे थे. वे अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियों का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं. बड़े बेटे अमित प्रकाश लुधियाना में इंजीनियर हैं. जबकि छोटे बेटे डॉ. अखिल प्रकाश मेरठ में न्यूरो सर्जन हैं. इनकी पुत्रवधू डॉ. पूजा शर्मा स्वास्थ्य विभाग में एसीएमओ हैं. एक पुत्रवधु बिंदु शर्मा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं. इनकी एक बेटी शांता स्मारक स्कूल में प्रिंसिपल हैं और दूसरी बेटी नोएडा में जूनियर हाईस्कूल में शिक्षिका हैं. उनके निधन पर क्षेत्र में शोक व्याप्त है.

ये भी पढ़े : कोर्ट: सोशल मीडिया की रिपोर्टिंग सनसनीखेज़ होती है


आपको बता दें कि ओम प्रकाश शर्मा ने 1970 में विधान परिषद का पहला चुनाव जीता था. अंतिम चुनाव 2014 में जीता था. पूर्व एमएलसी ओम प्रकाश शर्मा शिक्षक सीट पर लगातार आठ बार जीते. 50 साल एमएलसी रहने के बाद 2020 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. यह उनकी जीवटता का प्रमाण है कि वह इस हार के बाद भी शिक्षक हितों को लेकर हुंकार भरते रहे.

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य मेरठ समाचार पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें | देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के
लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें|

Related Articles