हापुड़ की इन 7 बेटियों की फिल्म `पीरियड` ने ऑस्कर में जीता अवार्ड, यहां पढिए फिल्म की पूरी कहानी

संक्षेप:

  • हापुड़ की 7 बेटियों की कहानी पर बनी फिल्म ने जीता ऑस्कर अवार्ड
  • डाक्‍यूमेंट्री फिल्म `पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस` को डॉक्यूमेंट्री फिल्म के शॉर्ट कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिला है
  • फिल्म में सैनिटरी नैपकिन को लेकर गांवों की महिलाओं के संघर्ष की कहानी है

हापुड़: यूपी के हापुड़ की 7 बेटियों ने देश का नाम अंतरराष्ट्रीय फलक पर ऊंचा किया है.

ऑस्कर अवार्ड (Oscar Awards) में हापुड़ की 7 बेटियों ने धूम मचायी है. हापुड़ के काठी खेड़ा गांव की बेटियों पर बनी डाक्‍यूमेंट्री फिल्म पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस (Period End Of Sentence)को डॉक्यूमेंट्री फिल्म के शॉर्ट कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिला है. इस डॉक्यूमेंट्री में हापुड़ के काठी खेड़ा गांव की बेटियों की कहानी है. पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस के नाम से बनी इस फिल्‍म में गांव की रहने वाली सात बेटियों(Hapur Seven Daughters) द्वारा किए गए संघर्ष और सेनेटरी नैपकिन को लेकर लड़कियों की जागरूकता कार्यकर्म की कहानी है.

ढोलक की थाप पर सैनिटरी पैड इस्तेमाल करने की अपील

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इस फिल्म में महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग के लिए जागरूक किया गया है. इस फिल्म से जुड़ी महिलाएं और लड़कियां एक दूसरे को मिठाई खिलाकर और ढोलक की ताल पर नाच-नाच कर खुशी का इजहार कर रही है. वही परिवार को बधाईयां देने वालों का तांता लग गया है.

गांव के लोगों ने सैनिटरी पैड यूनिट का किया था विरोध

फिल्म में दिखाया गया है कि सैनिटरी नैपकिन बनाने की छोटी सी यूनिट शुरू करने वाली सात बेटियां स्‍नेहा, सुमन, राखी, नीशू, अर्शी, रूकसाना और प्रीति को शुरूआत के दिनों में काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा था. इकाई लगाने के दौरान गांव के लोगों ने उनका विरोध किया था. लेकिन संघर्ष करते हुए ये बेटियां आगे बढ़ती रही और आज देश के लिए ऑस्कर अवार्ड अपने झोली में लाने का काम की.

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