इंटरव्यूः NYOOOZ से मेरठ एसएसपी मंजिल सैनी ने की खास बातचीत

  • इंटरव्यूः NYOOOZ से मेरठ एसएसपी मंजिल सैनी ने की खास बातचीत

    संक्षेप:

    • तेजतर्रार ऑफिसर में से एक है मंजिल सैनी
    • दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से किया फिजिक्स ऑनर्स
    • देश की सबसे पहली विवाहित महिला आईपीएस बनी मंजिल सैनी

    मेरठः उत्तर प्रदेश पुलिस में तेज़तर्रार ऑफिसर मंज़िल सैनी किसी भी परिचय की मोहताज नहीं हैं क्योंकि वो जिस भी जिले में रहीं, वहां उन्होनें अपनी बेखौफ और निर्भीक कार्यशैली से अमिट छाप छोड़ी है। 2005 बैच की आईपीएस आफिसर मंज़िल सैनी के लिए मेरठ कोई नया जनपद नही है, क्योंकि वो मेरठ के नज़दीकी जनपद मुजफ्फरनगर में एसएसपी रह चुकी हैं।

    उन्होंने मुजफ्फरनगर में ना केवल अपराध और अपराधियों पर लगाम कसी बल्कि अतिक्रमण झेल रहे मुजफ्फरनगर को अतिक्रमण से मुक्त कराया। डायनामिक पर्सनैलिटी को खुद में समेटे एसएसपी मंज़िल सैनी ने मुरादाबाद में बहुचर्चित किडनी कांड का भी भंडाफोड़ किया था। इन दिनों एसएसपी मंजिल सैनी मेरठ का सूरते-हाल बदलने की कोशिशों में लगी हुई हैं।

    आईपीएस ऑफिसर मंज़िल सैनी ने NYOOOZ  से बातचीत करते हुए पूछे गए सवालों का बेबाकी से जबाब दिया।  आईपीएस ऑफिसर मंज़िल सैनी से पूछे गए कुछ प्रश्न-

    सवाल- आपका जन्म कहां हुआ और आपने अपनी पढ़ाई कहां से पूरी की?

    जवाब- मेरा जन्म 9 सितंबर 1975 को दिल्ली में हुआ था और यहीं से मैनें अपनी प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। बचपन से ही शौक था कुछ न कुछ नया सीखने का। स्कूल पूरा करने के बाद सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली से फिजिक्स में ऑनर्स किेया। इसके बाद मैने कॉलेज चेंज करते हुए दिल्ली स्कूल ऑफ एकनोमिक्स से पढ़ाई की और गोल्ड मेडल हासिल किया। लेकिन मैं कुछ अलग चाहती थी इसलिए मैने तीन साल जॉब भी की, लेकिन मैं कुछ अलग हटकर करना चाहती थी।

    सवाल- शादी के बाद आपकी लाईफ में क्या चेंजेस आए ?

    जवाब- महादेव यानि की जसपाल से मेरी मुलाकात कॉलेज में हुई थी, हम साथ पढ़ते थे लेकिन मैने कभी नहीं सोचा था कि वो मेरे रियल लाईफ हीरो बनेगें। उनके मेरी लाईफ में आने से मेरी जिंदगी ही बदल गई उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया और उसी का असर है कि आज मैं आईपीएस हूं। 9 मार्च 2017 को हमारी शादी हुई थी, इतना समय कैसे गुजर गया पता ही नहीं चला।मैंने यूपीएससी 2005 में क्लियर किया था, बच्चे बहुत छोटे थे छोटे बच्चों के साथ पढाई करना बहुत मुश्किल होता था लेकिन मेरे हसबैंड ने हमेशा मेरा साथ दिया और उसी का ये असर था कि पहले ही प्रयाय में मुझे सफलता मिल गई।

    आपको बता दें कि मंजिल सैनी देश की सबसे पहली विवाहित महिला आईपीएस है। आईपीएस मंजिल सैनी बताती है कि जब मैं 5thक्लास में पढ़ती थी तो एक बार हमारे स्कूल में किरण बेदी आई थी और उनसे मैं बहुत प्रभावित हुई और इसके बाद भीमैने उन्हें कई बार देखा था, क्योंकि पिता जी पुलिस में थे तो अक्सर उनसे मुलाकात होती थी। किरन बेदी से ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। 

    सवाल- आपको पहली पोस्टिंग कहां मिली और अब तक का आपका सफर कैसा रहा?

    जवाब- मुझे पहली पोस्टिंग मुरादाबाद में एएसपी के रूप में मिली और यही से मेरा एक नया सफर शुरू हो गया। इसके दो साल बाद जब हम नोएडा में थे तो हमारे पास एक मजदूर आया था उसका आरोप था कि उसकी किडनी चुरा ली गई हैं और जब हमने जांच कि तो पता चला कि नोएडा और मेरठ में किडनी चुराने का बहुत बड़ा धंधा चल रहा था। मुश्किलें तो आई लेकिन अपनी टीम के साथ मिलकर हमने काम किया और हमें सफलता मिली।

    सवाल- लेडी सिंघम का तमगा आपको कैसे मिला ?

    जवाब- देखिए लेडी सिंघम नाम तो मीडिया का ही दिया हुआ है। मै नहीं जानती कि उन्होंने ये नाम क्यों दिया लेकिन रील लाईफ से रियल लाईफ में डिफरेंस होता है। दरअसल, वाक्या 2015 मई का है इटावा जनपद में हम तैनात थे उस समय हम इटावा रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग कर रहे थे तो चैकिंग के दौरान सपा के पूर्व विधायक अजीम भाई की स्कोर्पियों को चेकिंग के दौरान रोका गया। चेकिंग के दौरान उनकी गाड़ी से हमें राइफल बरामद हुई थी इसके बारे में उनसे पूछा गया तो उन्होने कहा कि ये हमारे भाई की है तभी इसको लेकर थोड़ा विवाद हुआ था। शायद तभी से मीडिया ने मुझे लेडी सिंघम का नाम दे दिया।

    बता दें कि एसएसपी मंजिल सैनी को प्रदेश की राजधानी लखनऊ की पहली महिला एसएसपी बनाया गया था।चार्ज संभालते वक्त जब उनसे पूछा गया कि राजनीतिक दबाव को कैसे झेलेंगीं तो इस पर उन्होने सिर्फ छोटा सा जवाब दिया कि मै इटावा से हूं। दरअसल, उनके कहने का मतलब था कि इटावा में बहुत राजनीति दबाव झेला है इसलिए लखनऊ में वो पूरी मेहनत और लगन से कांम करेंगी। 

    सवाल- मेरठ को लेकर आपकी क्या प्लॉनिंग हैं?

    जवाब- देखिए टू बी वेरी फ्रैंक मैने कभी नहीं सोचा था कि मुझे मेरठ में पोस्टिंग मिलेगी। मेरठ के बारे में सुना है कि ये शहर बहुत संवेदनशील है इसलिए बहुत संभल कर काम करना है लेकिन इतना साफ है कि अतिक्रमण, जाम और क्राइम से मेरठ को निजात दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी। इस समय हमारे पास पहला टास्क कांवड यात्रा को सकुशल संपन्न कराना है ,हमने अपनी पूरी टीम को लगाया हुआ है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी कैमरो से शहर की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि कोई भी असमाजिक तत्व सक्रिय न हो सके। कांवड़ यात्रा के बाद शहर को जाम से मुक्त कराने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए हमने प्लैनिंग की है जिस पर काम किया जाएगा।

    सवाल- सिविल सर्विस में आने वाले स्टूडेंटस को क्या मैसज देना चाहेगीं ?

    जवाब- देखिए सिविल सर्विस बहुत ही प्रतिष्ठित है और आज के युवा मेहनत भी कर रहे हैं। आईएएस और आईपीएस बनने के लिए जरूरी है कि वो अपना धैर्य न खोएं अगर पहली बार में आपको सफलता नहीं मिली है तो निराश मत होईए और अपने प्रयास को जारी रखिए। क्योंकि अगर आप निराश होगें तो आपको कुछ नहीं मिलेगा। आधे रास्ते तक तो आ ही गए हैं, अगर आधे रास्ते से वापस जाएगें तो आपको उतना ही सफर तय करना है जितना आप कर चुके हैं तो क्यों न सकारात्मक कदम उठाया जाए। अपने बेस को मजबूत करें और खुद को अपडेट रखें। सफलता एक दिन आपके कदम जरूर चूमेगी।

    सवाल- NYOOOZ के माध्यम से क्या मैसेज देना चाहेगीं ?

    जवाब- देखिए मैं अपील करना चाहती हूं कि कांवड यात्रा को लेकर हमने जो व्यवस्थाएं बनाई हैं उनमें अपना सहयोग दें। कांवड यात्रा सबसे पवित्र है इसिलए इसकी पवित्रता को बनाए रखें। अगर आपको कहीं भी कुछ गलत दिखाई दे तो फॉरन पुलिस को सूचना दें। मीडिया लोगों तक पहुंचने का बहुत ही अच्छा माध्यम है और लोग जागरूक भी है इसलिए अफवाहों पर किसी भी तरह से ध्यान न दें और अराजक तत्वों के खिलाफ हमें जरूर बताए। 

    न्यूज़ सोर्स: NYOOOZ HINDI