बागपत जेल में ऐसे रची गई थी डॉन मुन्ना बजरंगी की मौत की कहानी !

संक्षेप:

  • बागपत जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या
  • एक के बाद एक करीब 8 से 10 गोलियां चलाई गई
  • सुनील राठी के खिलाफ हत्या का केस रजिस्टर दर्ज

बागपत जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक के बाद एक करीब 8 से 10 गोलियां चलाई गई। जेल सिक्योरिटी जैसे ही मौके पर पहुंची, तो देखा फर्श पर एक कैदी की लाश खून से लथपथ हालत में पड़ी थी। हत्या का आरोप सुनील राठी पर लगा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुन्ना बजरंगी को रविवार रात ही बागपत जेल में लाया गया था। दरअसल, सोमवार सुबह मुन्ना बजरंगी की बागपत कोर्ट में एक एक्सटॉर्शन के मामले में पेशी थी। लिहाजा, मुन्ना बजरंगी को झांसी जेल से यहां लाया गया था।

शुरुआती तफ़्तीश में पुलिस का शक हाई सिक्योरिटी जेल की बैरक नंबर 10 में बंद गैंगस्टर सुनील राठी पर है, क्योंकि वारदात से पहले वो अपनी सेल से बाहर घूम रहा तह और उनके बाद अचानक अपनी सेल में जाकर बैठ गया था। लिहाजा, पुलिस ने सुनील राठी के खिलाफ हत्या का केस रजिस्टर दर्ज कर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। जिस जगह इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दिया गया वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ था।  

पुलिस को शक है कि 9 एमएम की पिस्टल से बेहद नजदीक से मुन्ना बजरंगी को गोलियां मारी गयी हैं। वारदात में इस्तेमाल इस पिस्टल को कातिल ने बाद में हाई सिक्योरिटी जेल के टॉयलेट के कंबोड़ में फेंक दिया। लिहाजा, पुलिस अब उस टॉयलेट की खुदाई करवा रही है ताकि आला-ए-कत्ल रिकवर लिया जा सके। लेकिन, सवाल ये कि आखिर इतनी हाई सिक्योरिटी जेल में 9 एमएम की पिस्टल कैसे पहुंची।

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दरअसल, बागपत जेल में चार लेयर सिक्योरिटी है। बावजूद इसके पिस्टल जेल के अंदर सुनील राठी तक पहुंचाई गयी। इसी के चलते जेलर और डिप्टी जेलर समेत 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया। करीब 1 हफ्ते पहले मुन्ना बजरंगी की पत्नी ने अपने पति की हत्या का शक जताया था। मुन्ना बजरंगी साल 2005 से बीजेपी नेता कृष्णा नंद राय की हत्या के आरोप में बंद था। कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी का एक दम खासमखास मुन्ना बजरंगी कत्ल की करीब 40 वारदातों को अंजाम दे चुका है, और गैंगस्टर बृजेश सिंह के टारगेट पर भी था।

 

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