गणतंत्र दिवस पर दारुल उलूम का फरमान, मुस्लिम छात्र न निकले बाहर

संक्षेप:

  • गणतंत्र दिवस से पहले दारुल उलूम का फरमान
  • गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रेनों में सफर न करने की दी हिदायत
  • तिरंगा फहराने के बाद सभी छात्र अपने दारुल उलूम वापस आ जाएं

गणतंत्र दिवस को देखते हुए देशभर में तैयारी जोरों पर चल रही है। इस बीच उत्तर प्रदेश के दारुल उलूम देवबंद ने गणतंत्र दिवस से पहले एक निर्देश जारी किया है। देवबंद ने सभी छात्रों को गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रेनों में सफर न करने की हिदायत दी है। यह निर्देश दारुल उलूम के छात्रावास प्रभारी ने जारी किया है। देवबंद ने निर्देश दिया है कि 26 जनवरी के मौके पर तिरंगा फहराने के बाद सभी छात्र अपने दारुल उलूम वापस आ जाएं और ट्रेनों में सफर न करें।

दारुल उलूम के मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर कुछ छात्र अपने यार दोस्तों के पास घूमने चले जाते हैं। देवबंद ने उन सभी छात्रों को सख्त हिदायत दी है कि ऐसे मौके पर कहीं सफर न करें और अगर किसी को जरूरत है तो सफर करके फौरन दारुल उलूम देवबंद का रुख करें, क्योंकि इस दौरान चैकिंग होती है और बिना वजह की परेशानी उठानी पड़ती है। इसकी वजह से डर और खौफ का माहौल पैदा होता है।

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उन्होंने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं का सामना न करना पड़े उसको देखते हुए दारुल उलूम ने सभी छात्रों से अपील की है। देवबंद ने कहा कि अगर सफर कोई छात्र सफर करे तो इस दौरान किसी तरह की बहस आदि में न पड़ें व सब्र से काम लें और सफर पूरा करने के बाद इधर उधर न जाकर सीधे यूनिवर्सिटी दारुल उलूम में वापस लौटें।

एक एनजीओ की निदेशक रिहाना अदीब ने कहा कि वास्तव में वेस्टर्न यूपी के बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर में परिस्थितियां बहुत खराब हैं। हर दूसरे दिन मुस्लिमों का उत्पीड़न हो रहा है। उन्हें ट्रेनों और बसों में परेशान किया जा रहा है। पुलिस इन घटनाओं को गंभीरता से नहीं लेती। हो सकता है इन्हीं घटनाओं को देखते हुए दारुल उलूम ने यह अडवाइजरी जारी की हो। हालांकि दारुल उलूम के डिवेलपमेंट विभाग के एचओडी अशरफ उस्मानी ने इसे एक सामान्य सर्कुलर बताया है।

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