मुन्ना बजरंगी को गोली मारने वाले सुनील राठी का कुछ ऐसा रहा इतिहास !

संक्षेप:

  • माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या
  • मुन्ना बजरंगी को सुनील राठी ने मारी गोली- एडीजी जेल
  • सुनील राठी यूपी के साथ उत्तराखंड में सक्रिय है

बागपत: बागपत जिला जेल पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मुन्ना बजरंगी को झांसी से बागपत जेल लाया गया था। जेल के एडीजी ने बताया कि मुन्ना बजरंगी को सुनील राठी ने मारी गोली है। सुनील राठी यूपी के साथ उत्तराखंड में सक्रिय है। सुनील की मां राजबाला छपरौली से बसपा से चुनाव लड़ चुकी है। सुनील राठी को हाल ही में रुड़की जेल से बागपत शिफ्ट किया गया था। उसने रुड़की में अपनी जान का खतरा बताया था। सुनील ही नहीं उसका पूरा परिवार अपराध जगत में सक्रिय है।

उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत में सुनील राठी का नाम बड़ा है। अपने पिता की हत्या के बाद उसने जुर्म की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद एक-एक करके चार लोगों को मौत की नींद सुला दिया। लोग सुनील के नाम से भी डरने लगे। उसकी मां पिछले विधानसभा चुनाव में बीएसपी के टिकट पर छपरौली विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुकी हैं। पिछले साल सुनील राठी का नाम तब सुर्खियों में आया था, जब उसने रुड़की शहर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर एनडी अरोड़ा से पचास लाख की रंगदारी मांगी थी।

बागपत जेल में बंद रहते हुए उसे डॉक्टर से अपनी मां तक इन पैसों को पहुंचाने के लिए कहा था। इसके बाद रुड़की पुलिस सुनील राठी को रिमांड पर लेकर आई थी। कोर्ट के आदेश पर उसे रुड़की में रखा गया था। इस मामले में बागपत के टिकरी कस्बे से नगर पंचायत की पूर्व चेयरमैन और सुनील राठी की मां राजबाला को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नारसन में एक व्यक्ति के ऑफिस के पीछे छुपाए गए 32 बोर के पिस्टल और चार कारतूसों को बरामद किया था। पुलिस ने सुनील राठी के दो गुर्गों रजनीश और दीपक को भी गिरफ्तार किया था।

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आपको बता दें कि एक अन्य कुख्यात बदमाश चीनू पंडित से सुनील राठी की जानी दुश्मनी है। दोनों एक दूसरे पर जानलेवा हमले करवा चुके हैं। दोनों बदमाशो की गैंग के कई साथी भी मारे जा चुके हैं। चीनू पंडित रुड़की की जेल में बंद है। जेल में बंद होने के बावजूद दोनों अपना-अपना गैंग नेटवर्क चला रहे हैं। चीनू सुनील के वकील को मारने की कोशिश भी कर चुका है।

कौन है मुन्ना बजरंगी

मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह है। उसका जन्म 1967 में यूपी के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में हुआ था। उसके पिता पारसनाथ सिंह उसे पढ़ा लिखाकर बड़ा आदमी बनाने का सपना संजोए थे। लेकिन मुन्ना बजरंगी ने उनके अरमानों को कुचल दिया। उसने 5वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी। किशोर अवस्था में जुर्म की दुनिया में पहुंच गया।

बागपत जेल के अंदर हुई हत्या

मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या कर दी गई है। उसको रविवार झांसी से बागपत लाया गया था। इसी दौरान जेल में उसे गोली मार दी गई। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एडीजी जेल ने बागपत जेल के जेलर, डिप्टी जेलर, जेल वॉर्डन और दो सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जांच के आदेश दे दिए हैं।

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