इस मामले में आजम खान को हो सकती है 10 साल की सजा! यहां जानिए क्यों?

संक्षेप:

  • रामपुर से सपा सांसद मोहम्मद आजम खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं.
  • आजम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाले 26 किसान अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गए हैं.
  • पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद आईपीसी की धारा 389 को भी बढ़ा दिया है.

रामपुर: रामपुर से सपा सांसद मोहम्मद आजम खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. ताजा मामले में जौहर अली यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की जमीन जबरन हड़पने को लेकर आजम खान के खिलाफ किसानों ने 26 मुकदमे दर्ज कराए हैं. आजम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाले 26 किसान अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गए हैं. किसानों ने हाईकोर्ट में कैविएट एप्लीकेशन दाखिल कर एफआईआर को चुनौती दिए जाने की दशा में अदालत से उनका पक्ष सुने जाने की मांग की है. किसानों ने कहा है कि आजम खान की ओर से यदि एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाती है तो अदालत उन्हें और उनके वकील को सुनवाई का पूरा अवसर प्रदान करे. वहीं पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद आईपीसी की धारा 389 को भी बढ़ा दिया है. यह गैर जमानतीधारा है और इस धारा में 10 साल तक की सजा का भी प्रवाधान है.

आजम खान पर वर्ष 2003 से लेकर 2005 के बीच 26 किसानों की जमीन जबरन हड़पने और उसे जौहर अली यूनिवर्सिटी परिसर में शामिल करने का गम्भीर आरोप है. सभी किसानों ने जमीन हड़पे जाने के मामले में हाल ही में रामपुर के अजीम नगर थाने में सपा सांसद आजम खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 242, 447, 506 और 389 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया है.

गौरतलब है कि सपा सांसद मोहम्मद आजम खान लगातार मुश्किलों में घिरते जा रहे हैं. उनके खिलाफ जमीन हड़पने के मामले में कुल 27 मुकदमे अब तक दर्ज हो चुके हैं. 26 मुकदमे किसानों की ओर से दर्ज कराए गए हैं, जबकि एक मुकदमा राज्य सरकार की ओर से राजस्व निरीक्षक ने दर्ज कराया है, इस मुकदमे में भी उन पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया गया है. रामपुर के किसान मतलूब, भुल्लन, मोहम्मद अलीम और अन्य ने हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम के मार्फत इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट ऐप्लीकेशन दाखिल की है. गौरतलब है कि आजम खान से जुड़े कई मामलों की सुनवाई पहले से ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही है.

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