आजम खान, उनके बेटे और पत्नी के खिलाफ जारी हुआ गैर-जमानती वॉरंट, मामला फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट का

संक्षेप:

  • फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले में कोर्ट में नहीं पेश हुए आजम खान, उनकी पत्नी और पुत्र अब्दुल्ला आजम.
  • कोर्ट में पेश ना होने के कारण तीनों के खिलाफ जारी किया गया गैर जमानती वॉरंट.
  • आरोप है कि अब्दुल्ला आजम के पास दो जन्म प्रमाण पत्र हैं और दोनों में उनकी जन्मतिथि अलग है. 

रामपुर: दो बर्थ सर्टिफिकेट रखने के मामले में समाजवादी पार्टी विधायक अब्दुल्ला आजम खान बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं। अब्दुल्ला आजम के अलावा उनके पिता और सांसद आजम खान और उनकी मां तंजीन फातिमा के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वॉरंट जारी कर दिया है। दरअसल, 20 नवंबर को तीनों को इस मामले में कोर्ट में हाजिर होना था लेकिन ये लोग कोर्ट में नहीं पेश नहीं हुए। वहीं, बीजेपी नेता आकाश सक्सेना अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट में पेश हुए। रामपुर के सहायक शासकीय अधिवक्ता राम अवतार सैनी के मुताबिक, अपर जिला जज 6 की कोर्ट के न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में सांसद आज़म खान, पुत्र विधायक अब्दुल्लाह आजम,पत्नी विधायक तंजीन फातिमा के खिलाफ यह गैरजमानती वॉरंट जारी किए हैं और अगली सुनवाई की तारीख 2 दिसंबर तय की है। इसके अलावा दो अन्य मामलों में भी आजम खान के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी किए गए हैं। जिसमें एक मामला 2019 लोकसभा चुनाव में आचार सहिंता उलंघन का और दूसरा मामला पड़ोसी से मारपीट करने के आरोप का हैं।

आरोपी सही पाए जाने के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर

फर्जी सर्टिफिकेट मामले में जांच के बाद आरोप के सही पाए गए थे। जिसपर इसी साल जनवरी महीने में जनपद रामपुर के थाना गंज में मोहम्मद आजम खान, उनकी सांसद पत्नी तंजीन फातिमा और विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम खान पर धारा 193, 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बताते चलें कि आजम खान रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। बता दें कि बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया था, `आजम खान और तंजीन फातिमा ने अपने बेटे आजम अब्दुल्ला के लिए दो बर्थ सर्टिफिकेट बनवाए हैं। इन दोनों (आजम खान और ताजीन फातिमा) ने रामपुर में जन्म स्थान दिखाकर नगर पालिका रामपुर से पहला सर्टिफिकेट बनवाया। सूचना मांगने पर आगजनी में कागजात जलने की बात कही गई। दूसरे सर्टिफिकेट के लिए क्वीन मैरी हॉस्पिटल लखनऊ का जन्म प्रमाण पत्र लगाकर लखनऊ नगर निगम से दूसरा प्रमाण पत्र बनवाया।`

ये भी पढ़े : केंद्र सरकार की मध्यप्रदेश के किसानों को कोई मदद नहीं-ज्योतिरादित्य सिंधिया


हाई कोर्ट में भी दायर हुई थी याचिका

इलाहाबाद हाई कोर्ट में आजम अब्दुल्ला के खिलाफ दायर याचिका में कहा गया है कि केंद्रीय माध्यमिक माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं की मार्क्सशीट में उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज है, जबकि, क्वीन मैरी अस्पताल में उनका जन्म हुआ और वहां उनकी जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 दर्ज है। 21 अप्रैल 2015 को नगर निगम लखनऊ से जारी कराए गए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर ही ऐफिडेविट दाखिल किया गया है। यह याचिका रामपुर के नवाब कासिम अली खां ने दाखिल की थी।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles