हारते ही जया प्रदा का बड़ा बयान- पार्टी के लोगों ने विरोधियों की जीत में की मदद

संक्षेप:

  • जया प्रदा ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी के कुछ लोगों को निशाने पर लिया है.
  • उन्होंने कहा है कि वे अब इस मामले में पार्टी आलाकमान से बातचीत करेंगी. 
  • जया प्रदा का कहना है कि उनकी हार के पीछे का कारण पार्टी के कुछ लोगों द्वारा विरोधियों की मदद किया जाना है.

मुरादाबाद: रामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से मिली करारी शिकस्त का मलाल जया प्रदा पर साफ नजर आने लगा है. दरअसल, चुनाव हारने के बाद जया प्रदा ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी के कुछ लोगों को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा है कि वे अब इस मामले में पार्टी आलाकमान से बातचीत करेंगी.  जया प्रदा का कहना है कि उनकी हार के पीछे का कारण पार्टी के कुछ लोगों द्वारा विरोधियों की मदद किया जाना है. इसी चलते वह चुनाव हार गईं. अब वे ऐसे लोगों के खिलाफ पार्टी आलाकमान से सख्त कार्रवाई चाहती हैं.

आजम खां ने जयाप्रदा को भारी अंतर से दी मात

बता दें कि लोकसभा के चुनाव में आजम ने भाजपा की प्रत्याशी जयाप्रदा को बड़े अंतर से मात दी है. आजम खां को साढ़े पांच लाख लाख से अधिक वोट हासिल हुए हैं, जबकि जयाप्रदा को लगभग साढ़े चार लाख वोट पर संतोष करना पड़ा है. कांग्रेस के संजय कपूर तीसरे नंबर पर रहे, लेकिन उनको लगभग 35 हजार वोट हासिल हो सके. इस तरह आजम खां रामपुर की सियासत के सिकंदर बन गए. इस बीच मंडी समिति में सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। पर्चियों के मिलान की वजह से देर रात परिणाम जारी किया गया.

ये भी पढ़े : इलाहाबाद हाईकोर्ट से योगी सरकार को झटका, अनुसूचित जाति में शामिल नहीं होंगी 17 OBC जातियां


लोकसभा चुनाव के लिए रामपुर में 23 अप्रैल को मतदान हुआ था. इसके बाद ईवीएम को मंडी समिति में सुरक्षित रखा गया था, जहां गुरुवार को मतगणना हुई. सबसे पहले पोस्टल बैलेट गिनने का सिलसिला शुरू हुआ. शुरुआती रूझानों में पहले आजम और फिर जयाप्रदा आगे होती रहीं, लेकिन इसके बाद तो आजम खां ने जयाप्रदा को काफी पीछे छोड़ दिया.

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles