आज़म खान की सांसदी खतरे में, जया प्रदा ने हाईकोर्ट में दी चुनौती, ये है वजह

संक्षेप:

  • समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के सांसद चुने जाने को अयोग्य मानते हुए बीजेपी नेता जया प्रदा ने हाईकोर्ट में उनके निर्वाचन को चुनौती दी है.
  • जया प्रदा ने आजम खान पर यह आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की है कि वो लाभ के दो पदों पर आसीन हैं.
  • जया प्रदा ने अपनी याचिका में कहा है कि आजम खान जौहर विश्वविद्यालय के चांसलर हैं.

इलाहाबाद: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के सांसद चुने जाने को अयोग्य मानते हुए बीजेपी नेता जया प्रदा ने हाईकोर्ट में उनके निर्वाचन को चुनौती दी है. जया प्रदा ने आजम खान पर यह आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की है कि वो लाभ के दो पदों पर आसीन हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच आज यानी शुक्रवार को याचिका की सुनवाई कर सकती है. जया प्रदा ने अपनी याचिका में कहा है कि आजम खान जौहर विश्वविद्यालय के चांसलर हैं और रामपुर से चुने गए सांसद भी. ऐसे में वो लाभ के दो पदों पर आसीन हैं. लिहाजा आजम खान का निर्वाचन रद्द करते हुए उन्हें (जया प्रदा) सांसद घोषित किया जाए.

लाभ के दो पद पर होने का आरोप

वकील अशोक पांडेय के माध्यम से दाखिल याचिका में जया प्रदा ने कोर्ट से गुजारिश की है कि आजम खान से पूछा जाए कि मौलाना जौहर अली यूनिवर्सिटी के कुलपति होने के नाते वो जब लाभ के दूसरे पद के लिए अयोग्य हैं, तब किस कानूनी अधिकार से संसद सदस्य का पदभार संभाले हुए हैं. साथ ही याचिका में दलील दी गई है कि यह तय नियम है कि लाभ के दो पदों पर एक ही व्यक्ति नहीं रह सकता. लिहाजा आजम का निर्वाचन रद्द कर याचिकाकर्ता को रामपुर लोकसभा सीट का सांसद घोषित किया जाए.

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अमर सिंह भी हैं जया प्रदा के वकील

जया प्रदा की इस याचिका के लिए राज्यसभा सांसद अमर सिंह भी वकील हैं. वकील अशोक पांडेय ने बताया कि अमर सिंह ने याचिका पर दस्तखत करने के साथ ही वकालतनामा भी दाखिल किया है. बता दें कि अमर सिंह ने वर्ष 1984 में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था और वो पहली बार बतौर वकील कोर्ट में पेश होंगे.

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