भागवत विश्व संस्कृति की मार्गदर्शक : ओमानंद

मोरना।

भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने कहा कि भागवत विश्व संस्कृति का मार्गदर्शन करती है।

भागवत मानवीय गुणों का विकास एवं भारतीय समाज का मार्गदर्शन कर सत्कर्म की प्रेरणा देती है।

शुकदेव आश्रम में उड़ीसा के बालागीर से पधारे श्रद्धालुओं की भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि वर्तमान भौतिकवादी युग में परोपकार, दया, दान, तप, सत्य तथा नैतिकता जैसे मानवीय गुणों और संवेदनाओं का ह्रास हो रहा है। .ad-600 {width: 600px;text-align: center;} .ad-600 .vigyapan{background:none} विज्ञापन if(typeof is_mobile !='undefined' && !is_mobile()){ googletag.cmd.push(function() { googletag.display('div-gpt-ad-1544182959779-0'); });} विज्ञापन हमारे जीवन का क्या उद्देश्य है, हमें क्या करना चाहिए, हम कौन है और कहां से आये हैं आदि बातों को जानने का माध्यम भागवत कथा सत्संग है।

जीवन निर्माण में भागवत जैसे अमूल्य ग्रंथ नींव की मजबूत आधारशिला है।

हमें यह जीवन केवल सांसारिक सुख सुविधाओं के लिए प्राप्त नहीं हुआ है।

अपितु प्रभु भक्ति एवं लोक कल्याण के लिए मिला है।

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