उत्तर प्रदेश में मिड डे मील में परोसा गया चूहा, खाना खाकर बीमार पड़े छात्र और शिक्षक

संक्षेप:

  • मिड डे मील में एक और हैरतअंगेज़ वाक़या सामने आया है.
  • मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले के एक सरकारी इंटर-कॉलेज में जब छात्र-छात्राओं को खाना परोसा गया तो उसमें साबुत चूहा मिला.
  • चूहे को खाने के साथ पका दिया गया था.

मुज़फ़्फ़रनगर: मिड डे मील में एक और हैरतअंगेज़ वाक़या सामने आया है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले के एक सरकारी इंटर-कॉलेज में जब छात्र-छात्राओं को खाना परोसा गया तो उसमें साबुत चूहा मिला. चूहे को खाने के साथ पका दिया गया था. कक्षा 6 से कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए बने इस खाने को जन कल्याण संस्था समिति नामक एनजीओ ने तैयार किया था. ये एनजीओ हापुड़ में स्थित है जो मुज़फ़्फ़रनगर से 90 किलोमीटर दूर है.

इस खाने का सेवन करने के बाद 9 बच्चे और एक शिक्षक की तबीयत ख़राब हो गई है. राज्य सरकार ने इस पर अब तक कोई बयान नहीं दिया है, वहीं एनडीटीवी के मुताबिक़ मुज़फ़्फ़नगर के ज़िलाधिकारी ने इस मामले के प्रकाश में आने के बाद एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया है.
उत्तर प्रदेश में मिड डे मील में लगातार इस तरह की ख़बरें आ रही हैं. इससे पहले भी कई स्कूलों में बासी और घटिया खाने की रिपोर्ट सामने आई है. पिछले हफ़्ते ही राज्य के सोनभद्र ज़िले के एक स्कूल का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें साफ़ दिख रहा था कि दूध के एक पैकेट को बाल्टी भर पानी में मिलाकर 85 छात्र-छात्राओं के बीच बांट दिया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक़ इस वीडियो को ग्राम पंचायत के एक स्थानीय सदस्य ने शूट किया था. भयावह रूप से मिलावटी इस दूध को जब छात्र-छात्राओं के बीच बांटा गया तो उनके हिस्से एक पूरा गिलास भी नहीं आया. सबको आधा-आधा गिलास दूध परोसा गया. आपको मिर्ज़ापुर की वो तस्वीर याद होगी, जिसमें स्कूल के बच्चे नमक के साथ रोटियां खा रहे थे. सरकार ने स्कूल प्रबंधन और मिड डे मील के लिए ज़िम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई करने के बजाए इस वीडियो को शूट करने वाले पत्रकार के ख़िलाफ़ ही कार्रवाई कर दी. उत्तर प्रदेश सरकार के दावों के मुताबिक़ मिड डे मील के तहत प्रत्येक बच्चे को 450 कैलोरी रोज़ाना दिया जाता है. इसमें 12 ग्राम प्रोटीन शामिल रहना चाहिए.

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