मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में पिछले 72 घंटों में 2 ने किया सुसाइड, मचा हड़कंप

संक्षेप:

मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में पिछले 72 घंटे के भीतर सुसाइड की दूसरी वारदात से सनसनी फैल गई। पिछले बुधवार को भी कोविड अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर कोरोना संक्रमित ने आत्महत्या कर ली थी।

मुजफ्फरनगर: मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में पिछले 72 घंटे के भीतर सुसाइड की दूसरी वारदात से सनसनी फैल गई। पिछले बुधवार को भी कोविड अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर कोरोना संक्रमित ने आत्महत्या कर ली थी।

मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल पर प्रशासन ने कोविड अस्पताल बनाया हुआ है, जहां आठ जनवरी को भर्ती कराए गए अंकित विहार निवासी कोरोना संक्रमित मरीज ने बुधवार रात नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस हादसे को मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु और कर्मचारी भुला भी नहीं पाए थे, कि शुक्रवार रात नर्सिंग स्टाफ के गांव इलाहाबास निवासी युवा मोहित ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

साथी कर्मचारियों का कहना है कि शुक्रवार रात आठ बजे ड्यूटी खत्म कर जब मोहित अपने कमरे में जा रहा था तो उसके व्यवहार या बातों से ऐसा नहीं लगा कि वह अपनी जीवनलीला खत्म कर लेगा। वहीं, भाई मनोज का कहना है कि मोहित हंसमुख लड़का था, उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। यही नहीं, उसकी परिजनों के साथ लगातार बात होती रहती थी, लेकिन उसकी बातों से भी ऐसा नहीं लगा कि वह किसी प्रकार के तनाव में है।

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मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग स्टाफ में काम करने वाले मोहित ने किन परिस्थितियों में और क्यों आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। मोहित के कमरे से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। इंस्पेक्टर केपी सिंह का कहना है कि युवक के मोबाइल को कब्जे में ले लिया गया है, जिसकी जांच में कुछ सुराग मिल सकते हैं।

भोपा क्षेत्र के गांव इलाहाबास निवासी सतबीर की करीब 15 साल पूर्व मौत हो गई थी। उसके पांच बच्चे हैं, जो सभी लड़के हैं। पिता की असमय मौत के बाद मां मीना ने ही अकेले संघर्ष करते हुए सभी बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। चौथे नंबर के बेटे मोहित को भी मां मीना ने ही किसी तरह पाई-पाई जोड़कर बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में जीएनएम का कोर्स कराया, जिसके बाद वह अप्रैल 2018 से यहीं जॉब भी करने लगा था।

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