प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोने के आरोप पर मंत्री अश्विनी चौबे की सफाई- 'मैं चिंतन कर रहा था'

संक्षेप:

  • आरजेडी ने ट्वीट कर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोने का आरोप लगाया.
  • इस पर अश्विनी चौबे ने सफाई देते हुए कहा कि वो सो नहीं रहे थे बल्कि चिंतन-मनन कर रहे थे.
  • आरजेडी ने आरोप लगाया था कि 200 बच्चों की मौत के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है.

पटना: बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार से होने वाले बच्चों की मौत का आंकड़ा 125 तक जा पहुंचा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को मुजफ्फरपुर का दौरा कर हालात का जायजा लिया. लेकिन इस दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने विपक्ष को सरकार को घेरने का एक और मौका दे दिया.

विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने ट्वीट कर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोने का आरोप लगाया. अब इस पर अश्विनी चौबे ने सफाई देते हुए कहा कि वो सो नहीं रहे थे बल्कि चिंतन-मनन कर रहे थे. सोमवार को मीडिया से बात करते हुए स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैं सो नहीं रहा था. मैं मनन-चिंतन भी करता हूं. मैं सो नहीं रहा था.

आरजेडी ने लगाया था सोने का आरोप

ये भी पढ़े : जनसंख्या विस्फोट क्या आर्थिक मंदी का कारण है?


बता दें, आरजेडी ने आरोप लगाया था कि 200 बच्चों की मौत के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सो रहे हैं. बिहार सरकार के मंत्री भी जम्हाई ले रहे. जाने इनकी मानवीय संवेदना कहां मर गई? मुख्यमंत्री तो गहरी निद्रा में हैं.

डॉ. हर्षवर्धन और मंगल पांडेय के खिलाफ शिकायत दर्ज

बच्चों की एईएस की वजह से लगातार हो रही मौत मामले में मुजफ्फरपुर में सीजीएम कोर्ट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी की ओर से दाखिल इस शिकायत पर 24 जून को सुनवाई होगी.

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles