कन्हैया कुमार को चमकी बुखार के पीड़ितों से मिलने से रोका गया, SMMCH में जाने की अनुमति नहीं

संक्षेप:

  • बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ पहुंचे कन्हैया को सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी.
  • बिहार में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानि चमकी बुखार से लगातार बच्चों की मौत हो रही है
  • अब तक मौत का आंकड़ा 167 तक पहुंच गया है.

मुजफ्फरपुर: बिहार में चमकी बुखार से मुजफ्फरपुर जिले में अब तक 129 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है. इसी वजह से यहां राजनीतिज्ञों के दौरे भी लगातार हो रहे हैं. इसी क्रम में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई के नेता कन्हैया कुमार मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच पहुंचे. बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ पहुंचे कन्हैया को सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी.

कन्हैया बोले- राजनीति नहीं, प्रार्थना का वक्त

हालांकि, काफी जद्दोजहद के बाद कन्हैया कुमार को दो-तीन समर्थकों के साथ अस्पताल के भीतर जाने दिया गया और मरीजों और उनके परिजनों से मिलने दिया गया. इस दौरान कन्हैया कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी प्रार्थना का वक्त है और इस मसले पर वह कोई राजनीति नहीं करना चाहते हैं.

ये भी पढ़े : छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के भिलाई (Bhilai) शहर में हुए एक स्कूल संचालक और अकाउंटेंट की हत्या (Murder) का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है


160 के पार पहुंचा मौत का आंकड़ा

बिहार में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानि चमकी बुखार से लगातार बच्चों की मौत हो रही है. अब तक मौत का आंकड़ा 167 तक पहुंच गया है. वहीं, करीब 650 से अधिक मरीज प्रभावित हुए हैं. इनमें सिर्फ मुजफ्फरपुर में ही 129 बच्चे असमय काल के गाल में समा चुके हैं. वहीं SKMCH और केजरीवाल अस्पताल में 131 बच्चे इलाजरत हैं. मुजफ्फरपुर जिले में ही अब तक 580 बच्चे बीमारी से प्रभावित हो चुके हैं.

एसकेएमसीएच पहुंची अधिकारियों की टीम

बता दें कि शुक्रवार को केंद्र सरकार के अपर सचिव मनोज झलानी, एडीशनल हेल्थ सेक्रेटरी, बिहार कौशल किशोर, दिल्ली के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार सिंह, दिल्ली से संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यम, बिहार के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार व जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष एसकेएमसीएच पहुंचे. उन्होंने पीआइसीयू का निरीक्षण कर पीड़ित बच्चों का हाल जाना और चिकित्सकों के साथ बैठक की.

बच्चों की मौत पर संसद में व्यक्त किया गया शोक

शुक्रवार को तीन तलाक बिल पर जोरदार बहस के बीच ही संसद के दोनों सदनों में इस बीमारी से हो रही मौतों का मामला गूंजा. सबसे पहले राज्यसभा में आरजेडी सांसद मनोज झा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया जिसके बाद बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त किया गया. विपक्षी दलों ने केंद्र एवं राज्य सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की.

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles