चमकी बुखार: स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और मंगल पांडेय के खिलाफ CJM कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

संक्षेप:

  • बिहार में चमकी बुखार से लगातार हो रही मौत के मामले में केंद्र और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री की परेशानियां बढ़ती दिख रही हैं.
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन और मंगल पांडे पर परिवाद मामले में वहां की निचली अदालत ने संज्ञान लिया है.
  • दोनों नेताओं के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं.

मुजफ्फरपुर: बिहार में चमकी बुखार यानी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) से लगातार हो रही मौत के मामले में केंद्र और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री की परेशानियां बढ़ती दिख रही हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन और मंगल पांडे पर परिवाद मामले में वहां की निचली अदालत ने संज्ञान लिया है. दोनों नेताओं के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं. इस मामले की जांच ACJM करेंगे और फिर इस केस के मामले में 28 जून को अगली सुनवाई होगी.

बता दें कि मुजफ्फरपुर में लगातार हो रही बच्चों की मौत के बीच सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने परिवाद दायर किया था. हाशमी ने बच्चों की मौत का जिम्मेदार दोनों मंत्रियों को बताते हुए CJM कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था.

सुप्रीम कोर्ट का भी कड़ा रूख

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी बिहार में हो रही बच्चों की मौत पर कड़ा रूख अख्तियार किया है. चमकी बुखार से हो रही मौतों के बीच कोर्ट ने बिहार सरकार से सात दिनों में जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, बिहार सरकार और यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है. बिहार से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है और तीन मुद्दों पर जवाब मांगा है.

अब तक 169 की मौत

चमकी बुखार से बिहार में अब तक 169 बच्चों की मौत हो चुकी है. इस पर कोर्ट गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, `यह गंभीर चिंता का विषय है. ये ऐसे ही नहीं चल सकता. हमें जवाब चाहिए.` कोर्ट ने जिन तीन मुद्दों पर जवाब मांगा है उनमें स्वास्थ्य सेवाओं की पयार्प्तता, पोषण और साफ सफाई शामिल है.

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