मुजफ्फरपुर के SKMCH हॉस्पीटल में नर कंकाल मिलने से मचा हड़कंप,अस्पताल प्रशासन घेरे में

संक्षेप:

  • मुजफ्फरपुर के SKMCH से एक नया मामला सामने आ रहा है, यहां पर नर कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया है.
  • SKMCH के अधीक्षक डॉ एसके शाही ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है.
  • प्राचार्य और अधीक्षक की टीम संयुक्त रूप से इस मामले की जांच करेगी.

मुजफ्फरपुर: बिहार में AES यानी चमकी बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है. मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में इस बीमारी से सबसे ज्यादा बच्चों की जान गई है. अब SKMCH से एक नया मामला सामने आ रहा है. यहां पर नर कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया है. मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांचे के आदेश दिए हैं.

SKMCH के अधीक्षक डॉ एसके शाही ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है. प्राचार्य और अधीक्षक की टीम संयुक्त रूप से इस मामले की जांच करेगी. उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल अमानवीय है. इसके साथ ही यह पुलिस और अस्पताल कर्मियों की लापरवाही भी है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शव की अंत्येष्टि के लिए 2000 रुपए देती है. उसके बाद भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं. अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है.

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मुजफ्फरपुर में 129 बच्चों की मौत

चमकी बुखार का सबसे ज्यादा असर बिहार के मुजफ्फरपुर और इसके आस-पास के जिलों पर है. राज्य में मौत का आंकड़ा 167 तक पहुंच गया है. वहीं, करीब 650 से अधिक मरीज प्रभावित हुए हैं. इनमें सिर्फ मुजफ्फरपुर में ही 129 बच्चे असमय काल के गाल में समा चुके हैं. वहीं SKMCH और केजरीवाल अस्पताल में 131 बच्चे इलाजरत हैं. मुजफ्फरपुर जिले में ही अब तक 580 बच्चे बीमारी से प्रभावित हो चुके हैं.

एसकेएमसीएच पहुंची अधिकारियों की टीम

शुक्रवार को केंद्र सरकार के अपर सचिव मनोज झलानी, एडिशनल हेल्थ सेक्रेटरी, बिहार कौशल किशोर, दिल्ली के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अरुण कुमार सिंह, दिल्ली से संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ सत्यम, बिहार के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार व जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष एसकेएमसीएच पहुंचे. उन्होंने पीआइसीयू का निरीक्षण कर पीड़ित बच्चों का हाल जाना और चिकित्सकों के साथ बैठक की.

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