मुजफ्फरपुर: कोरोना काल में ग्रामीण चिकित्सक भी कतरा रहे इलाज करने से, प्रभारी ने जारी किया नंबर 

संक्षेप:

  • प्रवासियों की बढ़ती भीड़ ने स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोली।
  • रास्ते में कोरोना जांच किए बगैर ही प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा है।
  • फोन पर भी डॉक्टर से बात कर दवा ले सकते हैं।

मुजफ्फरपुर। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले। जिसके चलते कई मरीज अस्पतालों की ओर इलाज की आशा से आ रहे हैं। पर भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर भी इलाज से कतरा रहे हैं। कई जगहों पर तो बिना इलाज के ही नेगेटिव प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं। 

दरअसल प्रखंड में प्रवासियों की बढ़ती भीड़ ने स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल रही है। प्रखंड के धरहरवा, जोंकी, चहुंटा, रामपुर, संभुता, बभनगावां समेत दर्जनों गांवों मे अचानक प्रवासी मजदुरों के साथ आम आवाम व छात्रों की भी भीड़ बढ़ती जा रही है जबकी स्वास्थ्य जांच के नाम पर कई प्रवासी लोगों ने बताया की रास्ते में कोरोना जांच किए बगैर ही प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा है। आम दिनों से चौगुना भाड़ा देकर पहुंचे हैं। हमलोग स्वस्थ हैं पर कोई व्यवस्था कहीं नहीं है।

फोन पर भी डॉक्टर से बात कर दवा ले सकते हैं

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इधर साधारण सर्दी बुखार आने पर ग्रामीण चिकित्सक भी दवा सुई देने से कतरा रहे हैं। पंचायत स्तर पर बने स्वास्थ्य उपकेंद्र भी बंद हैं। मधुवन बेसी के बिनय बैठा ने बताया कि गांव में दर्जनों लोग बीमार हैं पर कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इधर पीएचसी प्रभारी डॉ राजेश कुमार ने बताया कि पीएचसी में जांच व दवा की व्यवस्था है। लोग फोन पर भी डॉक्टर से बात कर दवा ले सकते हैं। इसके लिए प्रभारी डॉ राजेश कुमार अपना मोबाइल नंबर 7004725880 जारी किया है।

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