चौंक गए जज जब 10 साल बाद मरी हुई महिला अचानक जिंदा लौट आईं

संक्षेप:

  • जज, पुलिस से लेकर आम लोग हैरान कर गए जब एक पति की दस वर्ष पहले मरी हुई पत्नी अचानक जिंदा पहुंची.
  • और अचानक कोर्ट में जज से बोलीं- हुजूर, मैं जिंदा हूं. मेरे पति को छोड़ दिया जाए.
  • महिला ने कोर्ट में खुद को उसकी पत्नी बताया है.

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर कोर्ट में उस वक्त जज, पुलिस से लेकर आम लोग हैरान कर गए जब एक पति की दस वर्ष पहले मरी हुई पत्नी अचानक जिंदा पहुंची और आधार कार्ड दिखाते हुए बोली कि हुजूर, मैं जिंदा हूं. मेरे पति को छोड़ दिया जाए. दरअसल, यह फरियाद मंगलवार को साहेबगंज के परसा निवासी रेखा देवी ने कोर्ट में लगाई. उसकी हत्या के आरोप में परसा निवासी विजय सिंह बीते सात माह से जेल में बंद है. महिला ने कोर्ट में खुद को उसकी पत्नी बताया है. यही नहीं, रेखा देवी ने विजय सिंह की पत्नी होने के सबूत के तौर पर आधार कार्ड पेश किया.

10 साल बाद मरी हुईं महिला हुई जिंदा

बताया जा रहा है कि जिस दिन महिला पेश हुई उस दिन कोर्ट ने एसएसपी के माध्यम से साहेबगंज थानाध्यक्ष से रिपोर्ट की मांग की थी, लेकिन रिपोर्ट दाखिल नहीं होने पर मंगलवार को एडीजे पुनीत कुमार गर्ग ने एसएसपी से स्पष्टीकरण मांगा है. घटना से जुड़ी एफआईआर के नौ साल बाद रेखा देवी के अचानक लोगों के सामने आने से मामले में नया मोड़ आ गया है. एसएसपी की रिपोर्ट से स्पष्ट हो सकेगा कि रेखा देवी के दावे में कितनी सच्चाई है.

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पति जेल में है बंद

मालूम हो कि पत्नी रेखा देवी की हत्या के मामले में विजय 30 नवंबर 2018 से जेल में बंद है. इस मामले में एफआईआर के सात साल बाद पुलिस ने विजय को फरार दिखाते हुए 31 मार्च 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में जांच अधिकारी ललित मोहन सिंह ने फरारी की स्थिति में उसके घर की कुर्की की बात कही थी. हत्या व सबूत छिपाने की धारा के तहत चार्जशीट दाखिल की गई.

गौरतलब है कि विजय पर 30 सितंबर 2010 को गिद्धा के रहने वाले चौकीदार दिनेश पासवान के बयान पर साहेबगंज थाना में पत्नी के हत्या के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. चौकीदार ने एफआईआर में बताया कि सूचना मिलने पर वह लखनापुल स्थित तिरहुत कैनाल नहर के पास पहुंचा. नहर किनारे उसे बोरी में शव दिखा. जब उसने पूछताछ की तो पता लगा कि एक साल पहले विजय सिंह असम से शादी कर एक महिला को लाया था. उसे एक बच्ची भी थी. कई दिनों से विजय के घर में ताला बंद है. उसका दावा था कि विजय सिंह पत्नी की हत्या कर शव को बोरे में बंद कर फेंक दिया. इसके बाद फरार हो गया.

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