हाईकोर्ट ---1

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    नैनीताल। प्रदेश में किसानों की आत्महत्या का मामला अब उच्च न्यायालय पहुंच गया है। बुधवार को एक याचिका को स्वीकार करते हुए उच्च न्यायालय ने प्रदेश में किसान आत्महत्याओं के मामले में केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक, राज्य सहकारी बैंक और प्रदेश सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

    बुधवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ़ और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ में ऊधमसिंह नगर की तहसील किच्छा के शांतिपुर निवासी डा. गणेश उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई हुई। याची का कहना है कि जून 2017 के बाद से राज्य में कर्ज में डूबे लगभग पांच किसानों ने आत्महत्या की है।जून में खटीमा के हल्दी पछेड़ा गांव के 42 वर्षीय किसान राम अवतार ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। 16 जून 2017 को पिथौरागढ़ में एक किसान ने बैंक से कर्ज संबंधी नोटिस आने के बाद आत्महत्या की थी। बाजपुर के 38 वर्षीय किसान बलविंदर सिंह ने बैंक से नोटिस मिलने के बाद 12 जुलाई को आत्महत्या की। चौथा मामला एक ऐसे किसान का है जो आर्थिक दबाव सहन नहीं कर पाया। सात सितंबर को 65 वर्षीय किसान राधा किशन का हृदयगति रुकने से देहांत हो गया था। राधा किशन पर कृषि ऋण को चुकता करने का दबाव था। याची ने न्यायालय से कर्ज में डूबे किसानों को राहत देने के लिए भी सरकार को निर्देशित करने का आग्रह किया।

    न्यूज़ सोर्स: http://www.amarujala.com/uttarakhand/nainital/121505316104-nainital-news