नैनीताल हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार,‌‌‌‌‌ कहा- सरकार को वेतन में कटौती का कोई अधिकार नहीं

संक्षेप:

  • सरकार को कर्मचारियों का वेतन रोकने का कोई अधिकार नहीं 
  • यह संविधान के अनु. 14,19, 21 सहित मानवाधिकार का भी उल्लंघन है
  • मामले की अगली सुनवाई की तिथि चार अगस्त हुई नियत 

नैनीताल। नैनीताल हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष रोडवेज कर्मचारियों को पिछले छह माह से वेतन नहीं दिए जाने के मामले में सुनवाई हुई। इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार को कोई अधिकार नहीं कि वह कर्मचारियों के वेतन में कटौती करे। कोर्ट ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों का वेतन रोकने का कोई अधिकार नहीं है। यह संविधान के अनुच्छेद 14,19, 21 सहित मानवाधिकार का भी उल्लंघन है। कोर्ट ने यह टिप्पणी निगम की ओर से आर्थिक स्थिति ठीक होने तक कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वेतन दिए जाने के प्रस्ताव पर की।

उत्तराखंड और यूपी परिसंपत्तियों के बंटवारे के मामले में निर्णय लें: कोर्ट

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि तीन माह के भीतर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों की बैठक कर निगम की परिसंपत्तियों के बंटवारे के मामले में निर्णय लिया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जो 34 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री ने स्वीकृत किए हैं, वह कल (आज) तक निगम को दे दें। हाईकोर्ट ने भविष्य में कर्मचारियों को नियमित वेतन दिए जाने की व्यवस्था के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट की आगामी बैठक में रखने के निर्देश भी दिए ताकि यह समस्या बार-बार न आए। कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कोर्ट के पूर्व में निर्देश के बावजूद केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय ने परिसंपत्तियों के बंटवारे के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्य सचिवों के साथ बैठक नहीं की। कोर्ट ने कहा कि तीन माह के भीतर दोनों प्रदेशों के मुख्य सचिवों की बैठक कर इस मामले में निर्णय लिया जाए।

ये भी पढ़े : गोरखपुर: बीजेपी एनजीओ प्रकोष्ठ ने जारी की संयोजकों की नई सूची, गंधर्व पाठक बने क्षेत्रीय सह संयोजक


मामले की अगली सुनवाई की तिथि चार अगस्त हुई नियत

कोर्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बने 21 साल होने वाले हैं, लेकिन अभी तक परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं हो पाया है, जबकि अभी केंद्र और दोनों राज्यों में एक ही पार्टी की सरकार है, ऐसे में यह निपटारा करना आसान है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि चार अगस्त नियत की है। सुनवाई में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव, वित्त सचिव, परिवहन सचिव, महानिदेशक परिवहन कोर्ट में पेश हुए।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Nainitalकी अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles