नैनीताल- कुमाऊँ रेंज में रोडवेज ने हटायी 98 पुरानी बसें

संक्षेप:

  • पर्वतीय क्षेत्रों में 6 से 10 साल होती है बसों की मियाद
  • पर्यटन के मद्देनज़र नुकसानदायक हैं पुरानी बसें
  • पर्यटको की संख्या में कमी से रोडवेज की आय लगभग 60 प्रतिशत गिरी है

हल्द्वानी। उत्तराखंड परिवहन निगम की खटारा बसें यात्रियों के लिए सफर के दौरान खतरे का सबब बनी हुई थीं इसलिए सरकार ने इन बसो को हटाना शुरू कर दिया है। रोडवेज ने कुमाऊँ क्षेत्र की 98 बसों को हटा दिया है और इनमें से 39 खटारा बसें नीलाम भी हो चुकी हैं।

दरअसल पर्वतीय क्षेत्रों में पुरानी बसों से यात्रा करना बेहद खतरनाक होता है। इनकी मियाद 6 से 10 साल के आसपास होती है। क्योंकि पुरानी बसों से दुर्घटना होने की संभावना काफी बढ जाती है। रोजवेज ने कुमाऊँ परिक्षेत्र की 98 बसों को काठगोदाम स्थित मंडलीय कार्यशाला में रखा गया है।

रोडवेज के मंडलीय प्रबंधक लेखराज सिंह ने बताया कि पिछले साल उत्तराखंड रोडवेज को 483 नई बसें मिली थीं। इसमें 200 बसें कुमाऊं परिक्षेत्र को मिली थीं। नई बसों के बेड़े शामिल करने के बाद पुरानी बसों को हटाया जा रहा है, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रियों को सफर के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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हल्द्वानी। गर्मी का सीजन शुरू होने के बावजूद नैनीताल और कौसानी जैसे पर्यटन स्थल भी पर्यटकों को लुभा नहीं पा रहे हैं। पर्यटकों की आवाजाही कम होने से रोडवेज की आमदनी में भी करीब 60 प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई है। यात्रियों की कमी के चलते हल्द्वानी-नैनीताल रूट पर अधिकांश बसें खाली संचालित हो रही हैं।

कुमाऊं परिक्षेत्र के प्रमुख रोडवेज डिपो हल्द्वानी का दैनिक लक्ष्य 11 लाख 50 हजार रुपये और काठगोदाम डिपो का दैनिक लक्ष्य 15 लाख 700 रुपये है। मार्च के आखिर से पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर रोडवेज को भी अपनी में आय बढ़ोतरी के साथ ही दैनिक लक्ष्य के आसानी से पूरा होने की आशा रहती है।

लेकिन अप्रैल शुरू होने के बावजूद अभी तक रोडवेज बसों में स्थानीय यात्रियों और पर्यटकों की संख्या नहीं बढ़ रही है। उम्मीद के अनुरूप कमायी न होने से रोडवेज प्रबंधन की पेशानी में बल पड़ने लगे हैं। रोडवेज के मंडलीय प्रबंधक , संचालन खुशीराम ने बताया कि हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो से प्रतिदिन नैनीताल के लिए 18 रोडवेज बसों का संचालन होता है। लेकिन अधिकांश बसों की सीटें खाली रहने के कारण रोडवेज का काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दैनिक लक्ष्य पूरा कर पाना चुनौती बन रहा है। रोडवेज को करीब 60 प्रतिशत घाटा हो रहा है।

हल्द्वानी। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपने ने कहा कि कुमाऊं परिक्षेत्र के सभी डिपो में कुप्रबंधन के चलते रोडवेज को प्रतिदिन 40 लाख रुपए नुकसान हो रहा है। विभिन्न डिपो के कर्मचारियों को एक-दो महीने से तनख्वाह तक नहीं मिली है। एजेंसी कर्मियों को भी दो महीने से वेतन के लाले पड़े हैं।

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