किसानों ने नोएडा अथॉरिटी के गेट पर जड़ा ताला, झड़प में 12 पुलिसकर्मी घायल

संक्षेप:

  • किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़कर प्राधिकरण दफ्तर के गेट पर जड़ा ताला।
  • गेट पर किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की।
  • डीसीपी नोएडा, एडीसीपी, एसीपी समेत 12 से अधिक पुलिसकर्मी चोटिल।

नोएडा- आबादी, मुआवजे समेत अन्य मांगों के समर्थन में 81 गांवों के किसानों ने सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे बैरिकेडिंग तोड़कर प्राधिकरण दफ्तर के गेट पर ताला लगा दिया। प्राधिकरण गेट पर किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। जिसमें डीसीपी नोएडा, एडीसीपी, एसीपी समेत 12 से अधिक पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। एडीसीपी की वर्दी भी फट गई। धक्का-मुक्की में छह किसानों को भी चोट लगी है। करीब एक घंटे तक किसानों का प्राधिकरण के गेट पर कब्जा रहा और प्राधिकरण के अधिकारी दौरान दफ्तर में बंद रहे। बाद में मंगलवार को फिर से प्राधिकरण कार्यालय आने की बात कहकर किसान वापस चले गए।

भारतीय किसान परिषद के बैनर तले किसान सोमवार को हरौला बारात घर से प्राधिकरण दफ्तर पहुंच गए। रास्ते में प्राधिकरण गेट और स्वागत कक्ष के पास लगे बैरिकेडिंग तोड़ दी। किसान प्राधिकरण के स्वागत कक्ष, बैंक के सामने व गेट नंबर तीन पर जमा हो गए। वहां बैंक के सामने वाले गेट पर उन्होंने ताला जड़ दिया। भारी संख्या में मौजूद पुलिस बल ने जब किसानों को रोकने का प्रयास किया तो धक्का मुक्की शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक बेकाबू किसानों ने पुलिस अधिकारियों के साथ हाथापाई कर दी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जोर आजमाइश हुई। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे में नोएडा प्राधिकरण के सभी गेट को चारों तरफ से बंद कर दिया गया। जब वहां से किसान वापस हुए तब पता चला कि भीड़ में शामिल कई युवकों ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता व मारपीट की। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। इस दौरान प्राधिकरण के अंदर व बाहर अफरा तफरी मची रही।

पुलिस अधिकारियों ने जब किसानों को प्राधिकरण गेट के अंदर दाखिल होने से रोका तो कुछ पहलवान युवक पुलिस अधिकारियों से भिड़ गए। इसमें डीसीपी नोएडा राजेश एस की कलाई में मोच आ गई। एडीसीपी रणविजय सिंह, एसीपी द्वितीय रजनीश वर्मा और एसीपी तृतीय श्यामजीत सिंह चोटिल हो गए। उनके हाथ व शरीर में खरोंच आ गई। एडीसीपी रणविजय सिंह की वर्दी फट गई।

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सुखबीर खलीफा समेत डेढ़ हजार से अधिक पर एफआईआर
नोएडा। सोमवार को किसानों की तरफ से प्राधिकरण गेट पर ताला लगाने और पुलिसकर्मियों से मारपीट के मामले में भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा समेत डेढ़ हजार से अधिक लोगों पर कोतवाली सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें सुखबीर के अलावा 36 लोग नामजद हैं। प्राधिकरण के वर्क सर्किल एक के सहायक प्रबंधक रामचंद्र की तहरीर पर कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने धारा-144 का उल्लंघन, कोविड-19 महामारी एक्ट, सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी संपत्ति नुकसान करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।

प्रदर्शन में 10 किसान घायल
भारतीय किसान परिषद के मुताबिक सोमवार को नोएडा प्राधिकरण में प्रदर्शन के दौरान 10 किसान घायल हो गए हैं। इनमें अशोक चौहान, राजेंद्र यादव, जयपाल, सूरजमुखी, विजेंद्र, रिंकू, सोमवती, कुसुम आदि शामिल है। इनमें राजेंद्र यादव, अशोक चौहान और रिंकू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में भारतीय किसान परिषद की तरफ से कोतवाली सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है। ब्यूरो

प्राधिकरण पहुंचते ही उग्र हुए किसान
प्राधिकरण के 81 गांवों के किसान भारतीय किसान परिषद की अगुवाई में पिछले एक महीने के अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को भी हरौला बारात घर पर पहुंचे और दोपहर बाद भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा के नेतृत्व में प्राधिकरण दफ्तर के पास स्वागत कक्ष के सामने लगी बैरिकेडिंग तक पहुंचे। बैरिकेडिंग के पास रोकने के लिए डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे। लेकिन किसान वहां पहुंचते ही सोमवार को उग्र हो गए और पहले बैरिकेडिंग गिरा दी और प्राधिकरण के गेट नंबर एक की तरफ भागने लगे। जब पुलिस ने उस तरफ की गेट को बंद कर दिया तो किसान बैंक की तरफ वाले गेट पर पहुंच गए। यहां पर प्राधिकरण का गेट तोड़ने का प्रयास किया और ताला लगा दिया।
अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन देने जा रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे कई किसानों को चोटें आई हैं। सपा इसका विरोध करती है। देश में लोकतंत्र का राज नहीं है। तानाशाही कायम है। पुलिस के बल पर प्रदेश की सरकार आम लोगों की आवाज को दबाना चाहती हैं। - सुनील चौधरी, सपा नेता

प्राधिकरण की ओर कूच कर रहे किसानों को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया और लाठीचार्ज किया। इससे कई किसान भाई-बहनों को चोट आई है। उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस प्रशासन भी अब प्राधिकरण की भाषा बोल रहा है। चाहे डंडा चलाओ या जेल भेजो हम मांगें मनवा कर ही वापस जाएंगे। मंगलवार को हमलोग हरौला बरात घर पर इकट्ठा होंगे और वहां से प्राधिकरण दफ्तर जाएंगे। - सुखबीर खलीफा, किसान नेता
किसानों के आंदोलन के नाम पर पुलिसकर्मियों से अभद्रता की गई है। कई पुलिस अधिकारी चोटिल हुए हैं। किसी भी कीमत पर हिंसक आंदोलन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था तोड़ने वाले लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। -राजेश एस, डीसीपी नोएडा

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