नोएडा : 43 दिन से साथ धरना दे रहे आम्रपाली होम बॉयर्स 2 गुटों में बटे

संक्षेप:

  • आम्रपाली बॉयर्स 2 गुटों में बटे
  • 43 दिन से साथ दे रहे थे धरना
  • इनकी लड़ाई बिल्डर, प्राधिकरण और शासन से थी

नोएडा : फ्लैट के लिए एकजुट होकर विरोध करते दिखने वाले आम्रपाली के बायर्स अब दो गुटों में बट चुके हैं। इसे ऐसा कहे कि एक गुट राजनीतिक आश्वासन के भरोसे है। उसने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। वह 43 दिन से धरने पर बैठे थे। वहीं एक गुट की लड़ाई बिल्डर, प्राधिकरण व शासन से अभी भी जारी है। वह आंदोलन को ही अपना मकसद बना चुके हैं। उनका कहना है कि वह हक के लिए वह अंत तक जाएंगे। धरने पर बैठे बायर्स ने कहा कि मंत्रियों व अधिकारियों का काम ही सिर्फ आश्वासन देना है।

ऐसा मतभेद या गुट आम्रपाली समूह के बायर्स में देखी जा रही है। इसका एक समूह गत 43 दिनों से धरने पर बैठा था। उनसे मिलने के लिए केंद्रीय मंत्री से लेकर विधायक धरना स्थल पर पहुंचे और आश्वासन भी दिए। समूह ने केंडल मार्च से लेकर अर्थी यात्रा तक निकाली। लेकिन अंत में वह राजनितिक आश्वासन के तले दब गए। हाल ही में समूह का एक प्रतिनिधि मंडल लखनऊ में प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना से मिला। जिसके बाद उन्होंने अपना आंदोलन वापस ले लिया। जबकि दूसरे गुट ने इसका जमकर विरोध किया है।

आंदोलन वापस लेने वाले समूह ने बताया कि शासन स्तर से उन्हें आश्वस्त किया गया कि उन्हें फ्लैट दिलाने में शासन अपनी पूर्ण भूमिका अदा करेगा। लिहाजा बायर्स के एक समूह ने आंदोलन वापस लेते हुए शासन को एक माह का समय दिया। एक माह के बाद वह नई रणनिति के साथ दोबारा आंदोलन करेंगे। आंदोलन समाप्त होते ही धरनारत बायर्स ने टेंट के साथ अपना सारा तामझाम सेक्टर-62 स्थित कंपनी के बाहर उठा लिया। इसके उलट आम्रपाली समूह के बायर्स का दूसरा समूह टेंट व सारा सामान लेकर धरना स्थल पर पहुंच गया।

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उनका मानना है कि इतनी बैठकों और आश्वासन के बाद अब तक मामला जहा था वहीं है। ऐसे में भविष्य में हमें अपना हक मिलेगा या नहीं इसकी जानकारी भी नहीं है। लिहाजा वह आंदोलन की इस कड़ी को जारी रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह तब तक आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे जब तक उनको हक नहीं मिलता।

 

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