नोएडा में जर्जर सड़कों से बिज़नेस हो रहे चौपट

संक्षेप:

  • मूल भूत समस्याओं से जूझ रहे हैं बिजनेस मैन
  • सड़कों के रख रखाव में कमी बड़ी वजह
  • सुरक्षा व्यवस्था लोगों के लिए चुनौती

सुनील कुमार

नोएडा: नोएडा में देश की हर छोटी-बड़ी कंपनियों का दफ्तर है। दिल्ली से लेकर फरीदाबाद तक से यहाँ पर बड़ी-बड़ी कंपनियों को लाया गया था। इन कंपनियों को ये विश्वास दिलाया गया था कि इन्हें यहाँ व्यवसाय के लिए सारीं मूलभूत सुविधायें मुहैया करयीं जायेंगीं। जिससे इन्हें अपने व्यापार में किसी भी तरह की कोई दिक्कत न होगी। आज नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा तक हर छोटी-बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों का एक जाल सा बिछा हुआ है। लेकिन इन मूल भूत सुविधाओं के वादे शायद अभी तक पूरे नहीं हुए हैं।

इन्हीं समस्याओं को लेकर  NYOOOZ ने नोएडा के बिजनेस मैन प्रमोद गुप्ता से की खास बातचीत। प्रमोद गुप्ता एक लंबे अरसे से नोएडा में अपना प्लास्टिक इंडस्ट्री का बिजनेस चला रहे हैं। इसके साथ ही ये इंडियन इंडस्ट्री एसोशिएशन के कॉर्डिनेटर भी हैं।

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 सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती

प्रमोद बताते हैं, कि ‘नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती है, जिस पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। यहाँ पर हमारे मजदूरों के साथ अक्सर छीना-झपटीं की वारदात होतीं हैं। मजदूरों से राह चलते बदमाश उनके मासिक वेतन छीन कर भाग जाते हैं। ये वारदातें ज्यादातर रात के अंधेरे में होतीं हैं। देर रात को लोगों का सड़को पर निकलना एक बड़ी चुनौती होता है’। हम लोगों में हमेशा डर बना रहता है कि कहीं कोई आकर हमसे लूट-पाट न करने लगे। प्रमोद इन घटानाओं को लेकर कई बार नोएडा की एसपी सिटी सुनिती से भी मिल चुके हैं लेकिन उसके बावजूद भी पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है।

 जर्जर सड़कें

नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा तक में सड़कों की हालत बहुत ही खस्ता है। जिसकी वजह से हमारा व्यापार प्रभावित होता है। अक्सर खराब सड़कों की वजह से जगह-जगह ट्रैफिक जाम कि स्थिति बन जाती है। जिसकी वजह से हम अपना प्रोडक्शन समय पर डिलीवर नहीं करवा पाते। प्रमोद बताते हैं, कि योगी सरकार के आने के तुरंत बाद सड़कों की हालत में थोड़ा-सा सुधार हुआ था। उसके बाद स्थिति फिर जैसी की तैसी हो गई। स्थानीय महकमा हमेशा हमारी शिकायतों को नजरअंदाज करता रहता है।

 जल भराव और खाली प्लॉटों की समस्या

ग्रेटर नोएडा में जगह-जगह जल भराव की समस्या है। साथ ही यहाँ पर खाली पड़े प्लॉटों में बड़ी-बड़ीं झाड़ियाँ उग आईं हैं, जिसकी वजह से मच्छरों के पैदा होने की दर बढ़ गई है। कई बार इन झाड़ियों में से सांप तक निकल आते हैं। ये जहरीले सांप  लोगों के घरों में तक घुस जाते हैं। बरसात में इनकी स्थिति तो और ज्यादा खराब रहती है। बारिश की वजह से इनमें पानी भर जाता है। जिससे मलेरिया, वायरल की बीमारियाँ ज्यादा फैलतीं हैं। यहाँ पर अक्सर हमारी लेबर को डेंगू और मलेरिया हो जाता है। मजदूरों के बीमार होने से इसका सीधा असर हमारे प्रॉडक्शन पर पड़ता है। वो लंबे समय के लिए छुट्टी पर चले जाते हैं और ऐसी स्थिति में हमें मजदूर नहीं मिलते हैं।

 जिम्मेदार कौन

मैं समझता हूँ कि इन समस्याओं के पीछे स्थानीय प्रशासन ज्यादा जिम्मेदार है। यहाँ के बाबू हमारी समस्याओं को सीधे सरकार तक नहीं पहुंचने देते हैं। मुझे सरकार व्यावसायी वर्ग के बीच में संवाद की कमी महसूस होती है। इसी वजह से हमारी समस्याएं सीधे सरकार तक नहीं पहुंच पातीं हैं।

 NYOOOZ के माध्यम से मेरा यही संदेश है, कि सरकार को औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं पर जल्द से जल्द ध्यान देना चाहिए। इन मूल भूत समस्याओं पर सरकार का समुचित ध्यान होना चाहिए नहीं तो नोएडा से औद्योगिक इकाईंयाँ पलायन कर जायेंगीं।

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