SC के फैसला पर आरोपियों के वकील ने कहा- मानव अधिकार की उड़ी धज्जियां

संक्षेप:

  • निर्भया गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला
  • कातिलों की फांसी की सजा को रखी बरकरार
  • फैसला सुन निर्भया के माता-पिता ने बजायी ताली

निर्भया गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चार दोषियों में से तीन की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है यानि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी फांसी की सजा को बरकरार रखेगा। चार में से तीन दोषियों ने कोर्ट के सामने रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया है। जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि आपराधिक मामलों में रिव्यू तभी संभव है, जब कानून में कोई स्पष्ट गलती हो। सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई 2017 को दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ से सुनाए गए फांसी की सजा पर मुहर लगाई थी। दोषियों ने इस फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था।

दरअसल, प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ के. मुकेश (29), पवन गुप्ता (22) और विनय शर्मा की याचिकाओं को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि निर्भया कांड सदमे की सुनामी थी। कोर्ट ने कहा कि वारदात को क्रूर और राक्षसी तरीके से अंजाम दिया गया। और इस वारदात ने समाज की सामूहिक चेतना को हिला दिया था। जस्टिस भानुमति ने कहा कि बचपन से ही बच्चों को ये शिक्षा दी जानी चाहिए कि कैसे महिलाओं की इज्जत करें।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निर्भया के माता-पिता ने परिवार की जीत बताया था। फैसले के दिन जैसे ही कोर्ट ने मौत की सजा के फैसले को बरकार रखने का ऐलान किया तो निर्भया के माता पिता खुशी से ताली बजाने लगे। हालांकि इस फैसले पर बलात्कारियों के वकील एपी सिंह ने कहा था कि उनके क्लाइंट को इंसाफ नहीं मिला। समाज में सन्देश देने के लिए किसी को फांसी नहीं दे सकते। मानव अधिकार की धज्जियां उड़ गयी।

ये भी पढ़े : आगरा लाया गया महाकवि नीरज का पार्थिव शरीर, अंतिम दर्शन करने पहुंचे अखिलेश-विश्वास


फैसले के बाद निर्भया की मां ने कहा है कि उन्हें न्याय मिला है। वहीं, निर्भया के पिता ने कहा है कि अब दोषियों को फांसी की सजा देने में ज्यादा देर नहीं होनी चाहिए। निर्भया की मां ने कहा कि  इस घटना को 6 साल हो चुके हैं, इसके बाद भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। हमारे सिस्टम ने हमें फेल कर दिया है। हमें विश्वास है कि फैसला हमारे हक में आएगा और हमें न्याय मिलेगा

वहीं निर्भया के पिता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील है कि वह महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं। उन्होंने एक अखबार को कहा कि जब आरोपियों को फांसी होगी, तभी उन्हें और देश को तसल्ली होगी।

Read more Noida News In Hindi here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए
NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles