जिले में डेंगू का कहर लगातार जारी, 15 दिन में 137 मरीजों की पुष्टि

संक्षेप:

  • 15 दिन में डेंगू के 137 नए मरीज मिले।
  • जिला स्वास्थ्य विभाग नवंबर में राहत मिलने की जता रहा उम्मीद।
  • सरकारी आंकडे-अस्पतालों के हालात बिल्कुल अलग।

नोएडा. जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला स्वास्थ्य विभाग नवंबर में राहत मिलने की उम्मीद जता रहा था, लेकिन डेंगू का कहर जारी है। 15 दिन में डेंगू के 137 नए मरीज मिले हैं। वहीं, बुधवार को डेंगू के पांच नए मरीजों की पुष्टि के बाद जिले में कुल संख्या 592 पहुंच गई है। सरकारी रिपोर्ट में 18 सक्रिय मामले बताए गए हैं, जबकि अस्पतालों में डेंगू वार्ड के हालात कुछ और हकीकत बयां कर रहे हैं। जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर रैपिड किट से डेंगू मरीजों की जांच की जाती है, लेकिन किट के अभाव में लगातार जांच प्रभावित हो रही हैं। रैपिड जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर नमूने जिला अस्पताल की केंद्रीय लैब को भेजे जाते हैं, लेकिन अब जांच के लिए सीधे मरीजों को ही जिला अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। हर साल प्रदूषण बढ़ने और तापमान में गिरावट के साथ डेंगू से राहत मिलने लगती है, लेकिन नवंबर का आधा महीना बीतने और गिरते तापमान के साथ बढ़ते प्रदूषण के बीच डेंगू से राहत नहीं मिल पा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि लगातार एंटी लार्वा दवा का छिड़काव और फॉगिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।

डेंगू से किशोरी की मौत, स्वास्थ्य विभाग का इनकार
कस्बे के आजाद नगर मोहल्ले में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी सोफिया की बुधवार दोपहर को डेंगू से मौत हो गई। उसका इलाज कस्बे में ही एक डॉक्टर से चल रहा था। स्थिति गंभीर होने पर उसे ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि किशोरी की मौत डेंगू से नहीं हुई है। वहीं, कस्बे में डेंगू के तीन संदिग्ध मरीज भी मिले हैं।


मुहल्ला आजाद नगर निवासी इस्लाम ने बताया कि बेटी को करीब चार दिन से बुखार आ रहा था। कस्बे के ही एक डॉक्टर से उसका उपचार चल रहा था। प्लेटलेट्स काफी कम हो गई थीं। साथ ही अन्य समस्याएं भी थीं। बुधवार को हालत में सुधार नहीं होने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, मोहल्ले के खलील खान, इलियास, अमानुल्लाह, रफीक और कलुआ खां ने बताया कि हर घर में कोई न कोई बुखार, जुकाम और खांसी से पीड़ित है। कुछ लोगों का निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। मामले में जेवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. पवन कुमार ने बताया कि बुखार में भी प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। डेंगू से मौत होने की जानकारी नहीं हैं। गांवों में टीम भेजकर जांच कराई जा रही है।

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