PM मोदी के काफिले की लेना चाहता था तलाशी, चुनाव आयोग ने IAS अधिकारी को किया सस्पेंड

संक्षेप:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले की जांच करने की कोशिश करने वाले अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को चुनाव आयोग ने सस्पेंड कर दिया है
  • पीएम मोदी के काफिले की जांच करने के लिए मोहम्मद मोहसिन नामक अधिकारी ने काफिले की तलाशी लेनी चाही
  • कर्नाटक में पीएम मोदी की रैली होने वाली थी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले की जांच करने की कोशिश करने वाले अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को चुनाव आयोग ने सस्पेंड कर दिया है. बता दें कि कर्नाटक में पीएम मोदी की रैली होने वाली थी और पीएम मोदी के काफिले की जांच करने के लिए मोहम्मद मोहसिन नामक अधिकारी ने काफिले की तलाशी लेनी चाही, हालांकि उन्हें ऐसा नहीं करने दिया. जब यह मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा तो ईसी के अधिकारी खुद कर्नाटक आए और इस मामले की जांच करके मोहम्मद मोहसिन को उनके पद से हटा दिया. मोहम्मद मोहसिन कर्नाटक में (1996) बैच के आईएएस संबलपुर में जनरल ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त थे.

इस मामले में पीएमओ ने दखल दिया था और चुनाव आयोग के अधिकारी इस मामले की जांच करने के लिए ओडिशा भी गए थे. पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद उन्हें ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया गया है. उन्हें चुनाव आयोग ने एसपीजी सुरक्षा प्राप्त शख्स के बारे में बने निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में सस्पेंड किया गया है. इस पहले चुनाव आयोग ने बदजुबानी को लेकर नेताओं पर सख्ती बरती है.

गौरतलब है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के संबलपुर में चुनावी दौरा किया था. कर्नाटक (1996) बैच के आईएएस मोहम्मद मोहसिन संबलपुर में जनरल ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त थे. उन्होंने पीएम मोदी के काफिल की तलाशी लेने की कोशिश की थी. इस बाबत पीएमओ ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी, जिसके बाद चुनाव आयोग की टीम पूरे घटनाक्रम का जायजा लेने ओडिशा गई. इस दौरान यहां चुनाव आयोग को एसपीजी सुरक्षा के बावजूद तलाशी लेने की जानकारी मिली. इसके बाद चुनाव आयोग ने निर्देंशों के उल्लंघन के आरोप में आईएएस मोहम्मद मोहसिन को संस्पेंड कर दिया.

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