गौरव चंदेल मर्डर: पुलिस को मिर्ची गैंग पर शक, मोबाइल मिलने के बाद अब खंगाले जा रहे 100 CCTV कैमरे

संक्षेप:

  • गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 10 दिन पहले हुए गौरव हत्याकांड में गाजियाबाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है.
  • पुलिस को शक है कि इस वारदात के पीछे गाजियाबाद के किसी पुराने गैंग का हाथ है. मिर्ची गैंग पर भी शक है.
  • मिर्ची गैंग का सरगना आशु इसी तरह हत्या और लूट की कई वारदातें अंजाम दे चुका है.

नोएडा: गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 10 दिन पहले हुए गौरव हत्याकांड में गाजियाबाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. उत्तर प्रदेश पुलिस को चंदेल का मोबाइल मिल गया है. इस बात की संभावना जताई जा रही है कि चंदेल के मोबाइल से उनकी हत्या को लेकर बड़े सबूत हाथ लग सकते हैं. बताया जा रहा है कि हत्या करने के बाद हत्यारों ने गौरव का मोबाइल फोन मौका- ए- वारदात के आस- पास ही फेंक दिया था. वह मोबाइल साइकिल से गुजर रहे एक राहगीर ने उठा लिया था. एसटीएफ ने मोबाइल ट्रैस कर उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने के साथ ही मोबाइल फोन बरामद कर लिया था. एसटीएफ ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, लेकिन गौरव चंदेल की हत्या में उसके शामिल होने की जानकारी सामने नहीं आई है.

पुलिस ने इस हत्याकांड के खुलासे के लिए सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं. पुलिस को शक है कि इस वारदात के पीछे गाजियाबाद के किसी पुराने गैंग का हाथ है. मिर्ची गैंग पर भी शक है. मिर्ची गैंग का सरगना आशु इसी तरह हत्या और लूट की कई वारदातें अंजाम दे चुका है. पुलिस कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. बताया जाता है कि चंदेल की हत्या से ठीक पहले गाजियाबाद के कविनगर से बदमाशों ने टियागो लूटी थी. पुलिस इस घटना की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की शिनाख्त कर गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है. इसके लिए पीड़ित की भी मदद ली जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक गौरव को गोली कार के बाहर मारी गई. कार के अंदर खून का कोई धब्बा नहीं मिला है. गौरतलब है कि मंगलवार की रात घटना स्थल से लगभग 40 किलोमीटर दूर गाजियाबाद के मसूरी की आकाश नगर कॉलोनी से पुलिस ने लावारिस हालत में खड़ी गौरव चंदेल की कार बरामद की थी. बरामदगी के वक्त कार `लॉक्ड` थी. बीते 6 जनवरी की रात रहस्यमय हालातों में गौरव चंदेल मय कार गायब हो गए थे. गौरव गुरुग्राम (हरियाणा) स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में रीजनल मैनेजर के पद पर कार्यरत थे. घटना उस वक्त घटी जब गौरव दफ्तर से घर वापिस लौट रहे थे. परिजन मामला दर्ज कराने के लिए थाने भी पहुंचे, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने की बजाय उन्हें भगा दिया. बाद में गौरव चंदेल का शव भी उनके परिजनों ने ही ढूंढ़ा. परिजनों ने उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिसके बाद इसकी जांच सीओ को सौंपी गई. सीओ की रिपोर्ट में भी लापरवाही पाए जाने पर कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी.

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