#HyderabadHorror: ताजा हुए निर्भया कांड के जख्म, पूरे देश में सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक उबाल

संक्षेप:

  • हमारे देश में कुछ ऐसा हुआ है जिसने लोगों को दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 में हुए बर्बर सामूहिक बलात्कार की याद दिला दी है.
  • इससे लोगों के दिलो—दिमाग में निर्भया कांड की याद ताजा हो गई है.
  • आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए पूरे देश में उबाल. 

नई दिल्ली: हमारे देश में कुछ ऐसा हुआ है जिसने लोगों को दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 में हुए बर्बर सामूहिक बलात्कार की याद दिला दी है। इससे लोगों के दिलो—दिमाग में निर्भया कांड की याद ताजा हो गई है। यही वजह है कि ट्विटर पर #Nirbhaya, #RIPHumanity, #HangRapists, #NirbhayaCase, #HyderabadHorror, #HangTillDeath, #PunishRapistsInPublic, #WomenSafety ट्रेंड हो रहा है।
जिस अपराध ने लोगों को अतीत में सात साल पीछे पहुंचा दिया, उसे तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में अंजाम दिया गया है। यहां 27 साल की एक पशु चिकित्सक के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के बाद जिंदा जलाने की घटना सामने आई है। हैदराबाद पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर लोग पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।

आरोपियों के खिलाफ जल्द हो कार्रवाई

तेलंगाना के नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास, उद्योग और वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री केटी रामा राव ने ट्विटर पर लिखा, `महिला डॉक्टर की हत्या से नाराजगी और गहरा रोष है। मुझे पूरा विश्वास है कि तेलंगाना के डीजीपी और पुलिस उन जानवरों को जल्दी से जल्दी पकड़ेंगे जिन्होंने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है और इस मामले में जल्दी ही न्याय होगा। मैं निजी तौर पर भी इस मामले पर नजर रखूंगा। कोई भी संकट होने पर कृपया 100 नंबर डायल करें।`

ये भी पढ़े :  देश के गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर रायपुर (Raipur) में बड़ा बयान दिया


आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लिखा, `शादनगर में 26 साल की महिला डॉक्टर की हत्या से दुखी हूं। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस जघन्य अपराध को अंजा देने वालों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्हें सभ्य समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। कड़े दंड और बेहतर निगरानी से इतर हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लड़के बड़े होकर महिलाओं का सम्मान करें। चाहे वह घर पर हो या स्कूल हर स्तर पर लिंग सशक्तिकरण और यौन शिक्षा दी जानी चाहिए। इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए हर व्यक्ति को पहल करनी चाहिए।`

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, `शमशाबाद के पास महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और उसके बाद आग लगाने के कायरतापूर्ण कार्य से मैं विचलित हूं, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई। मैं मांग करता हूं कि इस मामले की तुरंत जांच हो और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। मैं इस बारे में तेलंगाना के डीजीपी से बात करुंगा। मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वह एक विशेष टीम बनाएं और जल्द से जल्द चार्जशीट दायर करें ताकि इस तरह के मामले दोबारा न हों। परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।`

जब तक सजा सख्त से सख्त नहीं होगी, हम नहीं सुधरेंगे: अनूप सोनी

बॉलिवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने ट्विटर पर लिखा- `चाहें हैदराबाद की महिला पशु चिकित्सक हों, या फिर तमिलनाडु की रोजा, या फिर रांची की लॉ छात्रा हो जिनके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ, एक समाज के तौर पर हम विफल हो चुके हैं। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म को सात साल हो चुके हैं, मगर हमारी नैतिकता टुकड़ों में बंटती जा रही है। हमें सख्त से सख्त कानून की जरुरत है। ये सब जल्द खत्म होना चाहिए।`

टीवी शो क्राइम पेट्रोल को होस्ट करने वाले कलाकार अनूप सोनी ने ट्विटर पर लिखा- `हम ने फिर बेटी, बहन और दोस्त को खो दिया। मुझे पता है कि मुझे इसपर बहुत सारा ज्ञान मिल सकता है लेकिन इस करह के अपराधों में केवल फांसी की सजा मिलनी चाहिए। जब तक सजा सख्त से सख्त नहीं होगी, हम नहीं सुधरेंगे। हम इस तरह का समाज बन चुके हैं।`

अभिनेत्री यामी गौतम ने लिखा- `गुस्से, दुख और हैरानी में हूं, महिलाओं के खिलाफ ये अमानवीय, अकल्पनीय अपराध इतनी जागरूकता के बावजूद कैसे हो सकता है! क्या इन राक्षसों को सजा या कानून का कोई डर नहीं है, हम एक व्यवस्था के रूप में और एक समाज के रूप में कहां गलत हो रहे हैं?`

शर्म से झुका लेना चाहिए सिर: युवराज सिंह

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी युवराज सिंह ने लिखा, `यह एक बेहद दुखदायक, हैरान करने वाली, बरबर और हृदयविदारक है। यह वह समय है जब हमें अपने सिर शर्म से झुका लेने चाहिए। मेरी प्रार्थना उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं।`

हरभजन सिंह ने लिखा, `हम सभी के लिए यह शर्म की बात है कि हम इन चीजों को बार-बार होने देते हैं लेकिन कुछ नहीं बदलता। हम इस तरह के अपराधियों के लिए सख्त नीतियां क्यों नहीं बनाते और दूसरों के सामने उदाहरण पेश करने के लिए उन्हें पूरे शहर के सामने फांसी पर क्यों नहीं लटकाते?`

उन्हें फांसी दे देनी चाहिए: ट्विटर यूजर्स

चैतन्य हर्षा नाम के यूजर ने लिखा, `दुखद सच्चाई लेकिन यह भारत में होने वाली वास्तविकता है।` उन्होंने बताया कि किस देश में बलात्कारियों को किस तरह की सजा दी जाती है। वहीं भारत में ऐसे आरोपियों को विधायक या सांसद का टिकट मिलता है।

आरएस मीणा ने लिखा, `देश में रोज सैकड़ों लड़कियों को बलात्कार के बाद उन्हें जघन्य तरीके से मार भी दिया जाता है। क्या एक समाज के तौर हम महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने में नाकामयाब रहे हैं? किस सदी में जी रहे हैं हम?`

गुरलीन ने लिखा, `बेटी बाद में पढ़ाओ, बेटी बाद में बचाओ, पहले बेटों को समझाओ। इन बलात्कारियों को स्वतंत्र रूप से जीने का अधिकार क्यों है? उन्हें फांसी दे देनी चाहिए। सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्याय कीजिए।`

मोनू रिजवी ने लिखा, `बलात्कारियों को सार्वजनिक स्थल पर फांसी दे देनी चाहिए। बलात्कारियों के लिए कोई दया नहीं होनी चाहिए। हम आखिर कहां जा रहे हैं। मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह बलात्कारियों को सार्वजनिक स्थल पर फांसी देने के लिए कानून बनाएं। इस मामले को फास्ट ट्रैक अदालत में चलाना चाहिए।`

मणिवेल ने लिखा, `एक व्यस्त हाइवे पर उस लड़की के साथ बलात्कार किया गया, उसे जिंदा जला दिया गया, उसकी हत्या कर दी गई। मैं अपराधियों के लिए फांसी की सजा मांगता हूं। न्यायपालिका को और महिलाओं के साथ ऐसा करने वालों को सबक सिखाना होगा। निर्भया जैसे मामले बहुत हुए।`

समीरा नाम की यूजर ने लिखा, `जब तक महिलाओं को पूरी सुरक्षा नहीं मिल जाती, विकास के हर काम बेकार हैं।`

सचिन यादव ने लिखा, `जरूरत है इस वक्त हमारे देश को एक साथ होने की फिर से। निर्भया के समय कानून बनवाया था अब उसे लागू करने की लड़ाई लड़नी है।`

आर्यन ने लिखा, `सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आएंगे। कब तक आस लगाओगी तुम, बिके हुए मिडिया और सेक्युलर नेताओं से, कैसी रक्षा मांग रही हो, दुशासन दरबारों से, स्वयं जो लज्जा हीन पड़े हैं, वे क्या लाज बचाएंगे, सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आएंगे।`

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Noida News In Hindi here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए
NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles