इटली की पत्रकार का खुलासा, बालाकोट में मारे गए थे 170 आतंकी, 45 लोगों का अब भी चल रहा इलाज

संक्षेप:

  • फ्रांचेस्का दक्षिण एशिया मामलों की विशेषज्ञ हैं
  • बालाकोट एयर स्ट्राइक में करीब 170 आतंकी मारे गए
  • शिविर में पाकिस्तानी सेना के डॉक्टरों ने घायल आतंकियों का इलाज किया

बालाकोट में भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक को भले पाकिस्तान नकार रहा हो, लेकिन धीरे धीरे सच सामने बाहर आ रहा है. हाल ही में इटली की स्वतंत्र पत्रकार फ्रांचेस्का मरीनों ने खुलासा किया है कि बालाकोट एयर स्ट्राइक में करीब 170 आतंकी मारे गए. साथ ही45 घायल आतंकियों का अभी भी इलाज चल रहा है.
मालूम हो कि फ्रांचेस्का दक्षिण एशिया मामलों की विशेषज्ञ हैं. वह पाकिस्तान का दौरा करने के साथ वहां के आतंकी संगठनों पर एक पुस्तक भी लिख चुकी हैं. `स्ट्रिंगरएशिया` में प्रकाशित उनकी रिपोर्ट के मुताबिक 26 फरवरी की तड़के 3.30 बजे भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के ढाई घंटे बाद घटनास्थल से 20 किलोमीटर दूर पाकिस्तानी सेना के शिंकियारी कैंप से एक टुकड़ी वहां पहुंची थी. उसके बाद मारे गए आतंकियों के शव ठिकाने लगाने और घायल आतंकियों को शिंकियारी में ही स्थित हरकत-उल-मुजाहिदीन के शिविर में ले जाने का काम शुरू हुआ था.

शिविर में पाकिस्तानी सेना के डॉक्टरों ने घायल आतंकियों का इलाज किया. इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल 20 आतंकियों की मौत हो चुकी है, लेकिन अभी भी 45 आतंकियों का इलाज चल रहा है. सबसे बड़ी बात यह है पूरी तरह ठीक होने और अपाहिज होने वाले आतंकी अभी भी पाकिस्तानी सेना की हिरासत में हैं और उन्हें अपने घरों को नहीं लौटने दिया जा रहा है. हमले में मारे गए आतंकियों के परिवारों को चुप रखने के लिए उनके घरों तक जैश-ए-मुहम्मद सदस्यों के समूहों गए और उन्हें रिश्वत के रूप में मोटी रकम दी गई. स्थानीय चश्मदीदों के मुताबिक, हमले में मारे गए आतंकियों में 11 ट्रेनर थे जो आइईडी बम बनाने से लेकर अत्याधुनिक हथियार चलाने की ट्रेनिंग देते थे. इनमें दो अफगानी ट्रेनर भी थे. मारिनो केअनुसार, जैश के शिविर वाला बालाकोट का इलाका अभी भी पाकिस्तानी सेना की मुजाहिद बटालियन के नियंत्रण में है. इस बटालियन का कैप्टन रैंक का एक अधिकारी इलाके की निगरानी कर रहा है. शिविर तक जाने वाले कच्चे रास्ते पर पुलिस तक को जाने की इजाजत नहीं है.

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