केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में हैं फारूक अब्दुल्ला

संक्षेप:

  • केंद्र सरकार की तरफ से बताया कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) को हिरासत में रखा गया है.
  • केंद्र ने बताया कि अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में रखा है.
  • बता दें कि इस एक्ट के तहत बिना सुनवाई के दो साल तक किसी को भी हिरासत में रखा जा सकता है.

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सोमवार को अहम सुनवाई हो रही है. इस दौरान केंद्र सरकार की तरफ से बताया कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) को हिरासत में रखा गया है. केंद्र ने बताया कि अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में रखा है. बता दें कि इस एक्ट के तहत बिना सुनवाई के दो साल तक किसी को भी हिरासत में रखा जा सकता है. बता दें कि पब्लिक सेफ्टी एक्ट पहली बार फारूक अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला के कार्यकाल में लगाया गया था.

एमडीएमके के नेता वाइको की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या अब्दुल्ला किसी प्रकार की हिरासत में हैं? इस पर वाइको के वकील ने कोर्ट को बताया, `केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि फारूक अब्दुल्ला किसी प्रकार की हिरासत में नहीं है, लेकिन हमें उनका पता ठिकाना मालूम नहीं है.` इस पर अदालत ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर को नोटिस जारी करते हुए 30 सितंबर तक जवाब मांगा है.

एमडीएमके के नेता वाइको की तरफ से वकील ने कोर्ट को बताया कि अब्दुल्ला के घर को सब्सिडियरी जेल घोषित कर दिया गया है. उन्हें अभी घर पर ही रहना होगा. हालांकि, इस दौरान दोस्त और रिश्तेदार उनसे मिल सकते हैं. हाल ही में कोर्ट ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसदों को फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला से मिलने की इजाजत दी थी. हालांकि, प्रतिबंधों के कारण वो मीडिया से बात नहीं कर पाए थे. बता दें कि फारूक अब्दुल्ला बीते 5 अगस्त से नज़रबंद हैं. इसी दिन सरकार ने जम्मू-कश्मीर से संविधान के आर्टिकल 370 को रद्द किया था. साथ ही लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर दो केंद्रशासित प्रदेश में बांट दिया था.

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