लोकसभा चुनाव 2019: विपक्ष को चुनाव आयोग से झटका, VVPAT मिलान में नहीं होगा कोई बदलाव

संक्षेप:

  • विपक्षी पार्टियों को चुनाव आयोग से बड़ा झटका लगा है.

  • चुनाव आयोग ने वीवीपैट मिलान की उस मांग को ठुकरा दिया है, जिसमें 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की बात कही जा रही थ

  • चुनाव आयोग ने एक लंबे मंथन के बाद कहा है कि वीवीपैट पर्चियों की गिनती में कोई बदलाव नहीं होगा

     

विपक्षी पार्टियों को चुनाव आयोग से बड़ा झटका लगा है. चुनाव आयोग ने वीवीपैट मिलान की उस मांग को ठुकरा दिया है, जिसमें 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की बात कही जा रही थी. चुनाव आयोग ने एक लंबे मंथन के बाद कहा है कि वीवीपैट पर्चियों की गिनती में कोई बदलाव नहीं होगा. जिस हिसाब से गिनती होनी थी, उसी हिसाब से होगी. बता दें कि विपक्ष की कई पार्टियों ने चुनाव आयोग से मांग की थी, वीवीपैट की पचास फीसदी पर्चियों का मिलान हो.

बता दें, विपक्ष की मांग मानने के चलते अब लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने में 2-3 दिन भी लग सकते हैं. विपक्ष की मांग है कि एक लोकसभा सीट की हर विधानसभा की 5 VVPAT पर्चियों की गिनती और मिलान शुरुआत में ही किया जाए. अगर मिलान में गड़बड़ी होती है, तो फिर सभी VVPAT पर्चियों से मिलान कराया जाए. हालांकि चुनाव आयोग ने अब साफ कर दिया है कि ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों का मिलान मतगणना पूरी होने के बाद ही किया जाएगा.

चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करने की वजह से लोकसभा चुनाव नतीजे आने में देरी हो सकती है. दिशा-निर्देश के मुताबिक, एक चरण की मतगणना की पूरी प्रक्रिया खत्म होने का बाद ही दूसरे चरण की मतगणना शुरू होगी.एक लोकसभा चुनाव क्षेत्र में कई विधानसभा क्षेत्र होते हैं,मतगणना कई सभागार में होती है.इसलिए एक चरण पूरा होने के बाद हर विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों को सेंट्रल टेबल पर जोड़ना होता है. इसलिए एक चरण से दूसरे चरण के रुझान आने में देरी होगी. लोकसभा चुनाव में विधानसभा चुनाव की तुलना में एक चरण की मतगणना में अधिक वक्त लगता हैं. लोकसभा चुनाव की मतगणना से जुडे दिशा-निर्देश सभी राज्यों को भेजे जा चुके हैं.

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